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रुस में नस्लभेद 'नियंत्रण से बाहर' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि रुस की सरकार देश में नस्लभेद और इसे लेकर हो रहे जनसंहार को नहीं रोक पा रही है. अपनी एक रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि हाल के महीनों में हमलों की संख्या बढ़ी है. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005 में कम से कम 28 लोग नस्लभेदी हमले में मारे गए और 366 को घायल कर दिया गया. संस्था का कहना है कि इस साल भी हमले जारी हैं और कई बड़े हमले हुए हैं. एमनेस्टी ने कहा है कि सरकार जनसंहार की घटनाएँ रोकने में असफल रही है. संस्था ने अधिकिरियों की निंदा करते हुए कहा है कि एक तो वे भेदभाव कर रहे हैं और दूसरे वे ठीक तरह से इन घटनाओं की जाँच भी नहीं कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि 'व्हाइट पैट्रोल' जैसी कुछ वेबसाइटों से प्रभावित सिर मुड़ाए हुए लोग इन हमलों के पीछे हैं. रुस में अश्वेत विदेशियों ने कहा है कि सरकार की ओर से उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठाए गए हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल की निदेशक केट एलन ने कहा है कि रुसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन को नस्लभेद और रंगभेद रोकने के लिए एक कार्ययोजना बनानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें रंगभेद पर बनी एक फ़िल्म से हड़कंप23 अक्तूबर, 2003 | पहला पन्ना ग़रीबों की अनदेखी17 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना चिकित्सा जगत में 'रंगभेद'24 जून, 2003 | पहला पन्ना रंगभेद विरोध के पितामह नहीं रहे06 मई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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