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उत्तर कोरिया को मनाने में जुटा रुस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रुस का कहना है कि वह उत्तर कोरिया से सीधे संपर्क में है और उसे मनाने की कोशिश कर रहा है कि परमाणु हथियार का प्रस्तावित परीक्षण टाल दिया जाए. रुस ने यह प्रयास उत्तर कोरिया की इस घोषणा के दो दिनों बाद शुरु किए हैं कि वह परमाणु परीक्षण करने जा रहा है. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से पहले ही ऐसा अनुरोध किया जा चुका है. अमरीका ने गुरुवार को कहा था कि उसे परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया मंज़ूर नहीं है. हालांकि बाद में उसने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि उसका उद्देश्य 'घातक चेतावनी' जारी करना नहीं था. उत्तर कोरिया की कम्युनिस्ट सरकार का दावा है कि उनके पास परमाणु हथियार है लेकिन अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की जा सकी है. इस मसले को हल करने के लिए उत्तर कोरिया, अमरीका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और रुस सहित छह देश चर्चा कर रहे थे. लेकिन बाद में उत्तर कोरिया ने अपने आपको इस बातचीत से अलग कर लिया था. रुस का प्रयास
रुस का कहना है कि वह उत्तर कोरिया से सीधे संपर्क में है और उसे मनाने की कोशिश कर रहा है कि परमाणु हथियार का प्रस्तावित परीक्षण टाल दिया जाए. रूसी विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने परमाणु अप्रसार पर बल देते हुए कहा कि भावनाओं में बहकर इस मुद्दे को धुँधला नहीं करना चाहिए. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार लवरोव ने कहा, "हम इसे लेकर बहुत चिंतित हैं." उनका कहना था कि यह बहुत आवश्यक है कि इस परीक्षण को टालकर उत्तर कोरिया छह देशों की चर्चा में फिर से हिस्सा ले. छह देशों की चर्चा आख़िरी बार सितंबर 2005 में हुई थी जिसमें यह वादा किया गया था कि यदि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक देता है तो उसे आर्थिक मदद दी जाएगी. अमरीकी राय अमरीका का कहना है कि ये ज़रूरी है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार न बनाए लेकिन उसके प्रस्तावित परमाणु परीक्षण पर अमरीका का मकसद कोई 'घातक चेतावनी' जारी करना नहीं था.
उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण करने की घोषणा पर पहले अमरीका के वरिष्ठ दूत क्रिस्टोफ़र हिल ने कहा था कि उत्तर कोरिया या तो भविष्य चुन ले या फिर परमाणु हथियार. इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता टोनी स्नो ने कहा कि ये अत्यंत ज़रूरी है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार न बनाए. उनका कहना था कि अमरीका संयुक्त राष्ट्र और उत्तर कोरिया के पड़ोसी देशों के ज़रिए, उत्तर कोरियाई सरकार पर दबाव आवश्य बना रहा है लेकिन ऐसा प्रयास नहीं कर रहा कि वहाँ की सरकार गिर जाए. वैसे अमरीका चाहता है कि उसके सहयोगी इस परमाणु परीक्षण के ख़िलाफ़ एक संयुक्त मोर्चा बनाकर विरोध करें. लेकिन संयुक्त राष्ट्र में इस पर चर्चा अधूरी ही रही है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि जॉन बॉल्टन ने कहा कि अभी इस पर मतभेद हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मकसद घातक चेतावनी देना नहीं था: अमरीका05 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया की घोषणा पर चेतावनी03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीका की उत्तर कोरिया को चेतावनी03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ जापानी प्रतिबंध19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने कोरिया पर लगाया प्रतिबंध16 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने और 'परीक्षण' किए05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने मिसाइलों का परीक्षण किया04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना क्या है आख़िर यह सारा मामला..?05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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