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उत्तर कोरिया की घोषणा पर चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
परमाणु परीक्षण करने की उत्तर कोरिया की घोषणा पर कई देशों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. अमरीका का कहना है कि अगर परमाणु परीक्षण किया गया तो इससे एशिया और बाक़ी दुनिया की स्थिरता को ख़तरा पैदा हो जाएगा. अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि उत्तर कोरिया की ये घोषणा उस प्रतिबद्धता का भी उल्लंघन है, जो उसने परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की बातचीत को लेकर व्यक्त की थी. उत्तर कोरिया की परमाणु परीक्षण की ताज़ा घोषणा पर अब तक आई प्रतिक्रियाओं में सबसे कड़ी प्रतिक्रिया जापान की है. जापान ने कहा कि उत्तर कोरिया यदि परमाणु परीक्षण करता है तो उसे माफ़ नहीं किया जाएगा, और उसके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय समुदाय सख़्त क़दम उठाएगा. जापानी प्रधानमंत्री शिन्ज़ो आबे ने कहा, "यदि जापान परमाणु परीक्षण करता है तो, तो मैं समझता हूँ उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय करारा जवाब देगा. अंतराष्ट्रीय समुदाय की अब तक की चिंता पर उत्तर कोरिया की इस तरह की प्रतिक्रिया माफ़ी के लायक़ नहीं होगी." पड़ोसी दक्षिण कोरिया में आपात सुरक्षा बैठक चल रही है. ब्रिटेन ने उत्तर कोरिया की घोषणा को बहुत ही गंभीर बताया है. जबकि रूस ने उत्तर कोरिया से संयम की अपील करते हुए इस मसले का कूटनीतिक समाधान निकाले जाने पर ज़ोर दिया है. ताज़ा घोषणा पर अभी चीन की प्रतिक्रिया आनी बाक़ी है. घोषणा उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार देश के पहले परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रही है. मंत्रालय ने कहा है कि परीक्षण ऐसी जगह होगा जो सुरक्षित हो. उत्तर कोरिया के एक अधिकारी ने कहा है कि अमरीका के रवैए को देखते हुए परीक्षण करने का क़दम देश की आत्मरक्षा की क्षमता बढ़ाएगा. एक बयान में कहा गया है कि 'अमरीका की ओर से परमाणु युद्ध का बढ़ता ख़तरा, दबाव और प्रतिबंध के चलते स्थिति गंभीर हो गई है.' बयान के मुताबिक 'वर्तमान स्थिति को देखते हुए जहाँ अमरीका उत्तर कोरिया को अलग-थलग करना चाहता है, हम मूक दर्शक बन कर नहीं रह सकते'. दबाव बयान में ये भी कहा गया कि 'उत्तर कोरिया पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा और परमाणु हथियारों के किसी और को देने पर रोक लगाएगा'. इसके अलावा ये भी लिखा है कि 'एक ज़िम्मेदार परमाणु शक्ति के नेता उत्तर कोरिया परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता का पालन' करेगा. अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर उत्तर कोरिया पर लगातार दबाव बनता रहा है. माना जाता है कि उत्तर कोरिया के पास कुछ परमाणु हथियार हैं लेकिन अब तक परीक्षण की ख़बर सामने नहीं आई है. वर्ष 2002 में उत्तर कोरिया ने अपने एक परमाणु संयंत्र फिर से शुरू किया था और संयुक्त राष्ट्र के दो पर्यवेक्षकों को भी देश से बाहर भेज दिया था. ये स्पष्ट नहीं है कि तब से लेकर अब तक संयंत्र में कितना काम हुआ है. अमरीका उत्तर कोरिया में परमाणु हथियार विकसित होने को लेकर चिंतित रहा है. साथ ही अमरीका उत्तर कोरिया द्वारा दूसरे देशों या संगठनों को मिसाइल और परमाणु हथियार देने पर भी अंकुश लगाना चाहता है. |
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