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उत्तर कोरिया से जुडे प्रस्ताव पर मतदान टला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव के मसौदे पर मतदान में देरी करने पर राज़ी हो गया है ताकि कूटनीतिक प्रयासों से समस्या का समाधान हो सके. उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्ते सात मिसाइलों का परीक्षण किया था जिसके बाद सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने पर चर्चा कर रहा है. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि मतदान में देरी की गई है ताकि उत्तर कोरिया के साथ इस संकट को सुलझाने की चीन की कोशिशों को और समय दिया जा सके. इस बीच चीन के परमाणु मामलों के प्रमुख वार्ताकार उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंच गए हैं. जापान ने आग्रह किया था कि प्रतिबंध लगाने संबंधी मसौदा प्रस्ताव पर मतदान सोमवार को न किया जाए. जापान के प्रधानमंत्री जुनीचिरो कोईजुमी का कहना था कि जापान उत्तर कोरिया को कड़ा संदेश देना चाहता है वह पूरी कोशिश करेगा कि उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगें. रायटर्स संवाद समिति के अनुसार प्रधानमंत्री कोईजुमी ने कहा " चीन के मंत्री उत्तर कोरिया जा रहे हैं उन्हें राज़ी करने. ऐसी स्थिति में सोमवार को ही मतदान के लिए दबाव बनाना सही नहीं होगा. " अमरीका लगातार चीन से आग्रह करता रहा है कि वह उत्तर कोरिया को परमाणु कार्यक्रमों से जुड़ी छह देशों की वार्ताओं में लौटने के लिए राज़ी करे. उत्तर कोरिया नवंबर महीने में इन वार्ताओं से अलग हो गया था.
हिल का कहना था कि जापान और अमरीका इस मुद्दे पर मिलकर काम कर रहे हैं और इस समय पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक स्वर में बात करनी चाहिए. विरोध जहां जापान और अमरीका प्रतिबंधों के पक्ष में हैं वहीं सुरक्षा परिषद के दो स्थायी सदस्यों चीन और रुस ने प्रतिबंधों का विरोध किया था. इन दोनों देशों का कहना है कि प्रतिबंध लगाना क्षेत्र के हित में नहीं होगा. अमरीकी प्रतिनिधि हिल के दक्षिण कोरिया से जाते ही दक्षिण कोरिया ने प्रतिबंध लगाने के लिए मसौदा प्रस्ताव लाने के जापान की कोशिशों की आलोचना की. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रो मू ह्यून के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि जापान के इस तरह के प्रयासों पर ज्यादा उतावला होने की ज़रुरत नहीं है बल्कि इसका विरोध किया जाना चाहिए. सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव को चीन और रुस वीटो कर सकते हैं और क्योदो संवाद समिति ने चीनी कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से यह भी कहा है कि अगर मतदान की संभावना आई तो चीन अपने वीटो के अधिकार का प्रयोग कर सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें मिसाइल परीक्षण पर कड़ी प्रतिक्रिया05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद में परीक्षण पर विचार05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया ने और 'परीक्षण' किए05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना परीक्षण जारी रखेगा उत्तर कोरिया06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया मसले पर वार्ता शुरु07 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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