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बुधवार, 05 जुलाई, 2006 को 12:19 GMT तक के समाचार
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सुरक्षा परिषद में परीक्षण पर विचार
उत्तर कोरियाई मिसाइल
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी
जापान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की आलोचना करने संबंधी एक प्रस्ताव पारित करवाने की कोशिश कर रहा है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में से जब जापान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत केंज़ो ओशिमा बाहर निकले तो उनके साथ अमरीका और ब्रिटेन के राजदूत भी थे.

जापानी राजदूत ने कहा कि उन्हें बिना किसी बाधा के मिसाइल परीक्षण की आलोचना संबंधी प्रस्ताव के पारित होने की उम्मीद है.

अमरीकी राजदूत जॉन बोल्टन ने कहा कि सुरक्षा परिषद में किसी भी देश ने उत्तर कोरिया का बचाव नहीं किया.

विशेषज्ञ जापान के प्रस्ताव की भाषा पर अब चर्चा कर रहे हैं लेकिन इसको अंतिम रूप दिए जाने में कई दिन लग सकते हैं.

दूसरी ओर रूसी राजदूत ने कहा है कि उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने के बजाए समस्या का कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश की जानी चाहिए.

इधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि मिसाइल परीक्षणों से उत्तर कोरिया और अलग-थलग पड़ गया है.

ग़ौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण करने के कुछ ही घंटों बाद बुधवार को ही सातवाँ रॉकेट दागकर अपनी मिसाइल क्षमता का और परीक्षण किया है.

'भड़काऊ हरकत'

कई देशों ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

उत्तर कोरिया के निकट सहयोगी चीन ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से शांति और धैर्य से काम लेने का अनुरोध किया गया है.

स्थिरता को ख़तरा
 हमें अफ़सोस है कि उत्तर कोरिया ने परीक्षण पर लगी रोक का उल्लंघन किया है. इस तरह की हरकतें पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को किसी तरह मदद नहीं करतीं
रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

चीन के विदेश मंत्रालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि वह स्थिति पर बहुत चिंतित है.

दक्षिण कोरिया ने कड़ी आपत्ति जताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि ये एक भड़काऊ हरकत है.

जापान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस मिसाइलों के प्रक्षेपण से उत्तर कोरिया ने कुछ भी नहीं हासिल किया है.

रूस ने भी इसे एक भड़काऊ हरकत का नाम दिया है और कहा है कि इससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम का जो मामला है वो और जटिल हो जाएगा.

रूस उन छह देशों में शामिल है जो उत्तर कोरिया के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से बातचीत में लगा रहा है.

मॉस्को से रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मिखाइल कैमिनिन ने अपने बयान में रूस की नाराज़गी को स्पष्ट शब्दों में ज़ाहिर किया.

"हमें अफ़सोस है कि उत्तर कोरिया ने परीक्षण पर लगी रोक का उल्लंघन किया है. इस तरह की हरकतें पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को किसी तरह मदद नहीं करतीं."

ब्रिटेन की विदेश मंत्री ने मार्गरेट बेकेट ने भी कहा है कि उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं हैं उन्हें उत्तर कोरिया केवल कूटनीति के रास्ते से दूर कर सकता है.

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