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परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत टली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन ने कहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर हो रही बातचीत अगस्त के आख़िर में दोबारा शुरू होगी. उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए पिछले 13 दिनों से छह देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चल रही थी. लेकिन इस दौरान कोई सहमति नहीं बन पाई जिसके चलते बातचीत अगस्त के आख़िर तक स्थगित कर दी गई है.चीन के प्रतिनिधि ने मुताबिक़ ये वार्ता अब 29 अगस्त वाले हफ़्ते में शुरू होगी. उत्तर कोरिया इस बात पर अड़ा हुआ है कि उसे शांतिपूर्ण मक़सद के लिए अपनी परमाणु गतिविधियाँ जारी रखने का पूरा हक़ है. उत्तर कोरिया मदद और सुरक्षा गारंटी भी चाहता है. जबकि अमरीका चाहता है कि कोई भी रियायत दिए जाने से पहले उत्तर कोरिया अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दे. अमरीका के वार्ताकार क्रिसटोफ़र हिल ने बातचीत का दौर रुकने पर कोई टिप्पणी नहीं की है. विवाद चीनी प्रतिनिधि ने कहा है ये बताना मुश्किल है कि जब बातचीत दोबारा शुरू होगी तो समझौता हो पाएगा. उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि कभी न कभी समझौता हो जाएगा. ये पूरा विवाद 2002 में उस समय शुरू हुआ जब अमरीका ने आरोप लगाया कि उत्तरी कोरिया परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम संवर्धन कर रहा है. विवाद उस वक़्त गहरा गया जब उत्तर कोरिया ने परमाणु अप्रसार संधि से हटने का फ़ैसला लिया. इस साल उत्तर कोरिया ने ये घोषणा कि उसके पास प्लूटोनियम आधारित परमाणु हथियार हैं. इस घोषणा से मामले ने और तूल पकड़ लिया. बातचीत के इस दौर से पहले तीन दौर हो चुके हैं जो विफल रहे. पर्यवेक्षकों का कहना है कि चौथा दौर काफ़ी लंबा चला है और सभी पक्ष हल निकाले जाने के पक्ष में नज़र आते हैं. |
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