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बुधवार, 05 जुलाई, 2006 को 01:59 GMT तक के समाचार
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मिसाइल परीक्षण पर कड़ी प्रतिक्रिया
उत्तर कोरियाई मिसाइल
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी
अमरीका और जापान ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

जापान ने कड़ा विरोध दर्ज़ कराया है और इन परीक्षणों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा ख़तरा करार दिया है.

जापान ने उत्तर कोरिया के जहाज सेवाओं के जापान आने पर छह महीने के लिए पाबंदी लगा दी है. जापान के विदेश मंत्री तारो असो ने कहा है कि उनका देश उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है.

उधर अमरीका ने इन परीक्षणों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया ने संयम बरतने की सभी अपीलें ठुकरा दी हैं. अमरीका ने पहले ही उत्तर कोरियो को ताइपोदोंग 2 मिसाइलों का परीक्षण न करने की चेतावनी दी थी.

अमरीका ने इसे उकसाने वाली कार्रवाई बताया है और राष्ट्रपति बुश इस मसले पर अपने वरिष्ठ कूटनीतिक और रक्षा सलाहकारों से बातचीत कर रहे हैं.

व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि एक अमरीकी दूत को पूर्वी एशिया में भेजा जा रहा है जबकि संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ बातचीत शुरु कर दी है.

दक्षिण कोरिया की सरकार ने आपात बैठक की है. जापान में कैबिनेट की एक बैठक के बाद मुख्य कैबिनेट सेक्रेटरी शिंज़ो अबे ने कहा है कि मिसाइलों के परीक्षण का असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है और इसके ख़िलाफ कड़े क़दम उठाने की जरुरत है.

अबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विरोध के बाद भी उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण करना दुखद है.

जापान में अमरीका के राजदूत थॉमस स्किफर ने उम्मीद जताई है कि उत्तर कोरिया ऐसी उकसावे वाली कार्रवाईयों से बाज आएगा क्योंकि इससे विदेश नीति के लक्ष्य पूरे नहीं हो सकते.

उधर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने कहा कि उत्तर कोरिया ने ये परीक्षण कर के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का खुला उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि अमरीका, चीन, दक्षिण कोरिया, जापान और अमरीका सभी इसकी निंदा करते हैं.

एबीसी रेडियो से बातचीय में हॉवर्ड ने कहा कि यह एक उकसावे वाली कार्रवाई है जिससे उत्तर कोरिया को लाभ नहीं होगा.

अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री मैडलीन अल्ब्राइट ने कहा कि वो किम जोंग इल से कुछ नहीं कहना चाहेंगी बल्कि वो मानती हैं कि पिछले पांच वर्षों में अमरीका का उत्तर कोरिया के साथ बातचीत नहीं करना अमरीकी नीति की असफलता है.

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