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बेसलान कांड में पुतिन निशाने पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बेसलान बंधक कांड के सिलसिले में तीन बच्चों ने पहली बार गवाही दी है. ये गवाही नूरपाशा कुलायेव के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे के दौरान दी गई. इस कांड से जुड़े अपहरणकर्ताओं में से नूरपाशा कुलायेव ही जिंदा बचे थे. बच्चों ने उस समय की भयावह तस्वीर लोगों के सामने रखी और बताया कि कैसे चेचन्या समर्थक अपहरणकर्ताओं ने उनके साथियों को गोलियों से मारा. एक महिला ने उन अफ़सरों की सूची पढ़ी जिनके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की गई है और इसमें रूस के राष्ट्रपति पुतिन का नाम भी शामिल था. संवाददाताओं के मुताबिक़ पुलिस अफ़सरों के भ्रष्ट होने की बात और बेसलान बचाव अभियान में ख़ामियां होने की ख़बर से लोग बेहद नाराज़ हैं. एएफपी समाचार एजेंसी के मुताबिक़ रूसी नागरिक एला पैत्रोज़ोवा ने कहा, “जब हमारे बच्चे अग़वा किए गए तो उन तीन दिनों में राष्ट्रपति पुतिन कहाँ थे?” अपने बच्चे खो चुकी कई माओं ने अदालत से बाहर जाने से इनकार कर दिया. अदालत ने इन लोगों को आगाह किया कि उनका ये क़दम अदालत पर दबाव डालने की कोशिश के रूप में देखा जाएगा. एक से तीन सितंबर के बीच बेसलान कांड की पहली बरसी मनाई जाएगी. इस कांड में 300 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और ज़्यादातर लोगों की मौत स्कूल में लगाए गए विस्फोटकों के फटने से हुई थी. |
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