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चेचन विद्रोहियों ने ज़िम्मेदारी स्वीकार की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चेचन विद्रोही नेता शमिल बसायेफ़ ने एक बयान जारी कर रूस के बेसलान शहर में हुए बंधक कांड की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है. विद्रोहियों की एक वेबसाइट पर बसायेफ़ की ओर से जारी एक बयान में दावा किया गया है कि बेसलान बंधक संकट के पीछे उनके लोगों का ही हाथ था. उत्तरी ओसेतिया प्रांत के शहर बेसलान के एक स्कूल में तीन दिन तक चले बंधक संकट के दौरान लगभग 300 लोग मारे गए थे. बसायेव के नाम से जारी बयान में लिखा गया है,"बेसलान शहर में हमारा अभियान कर्नल ओर्स्तखोयेफ़ के नेतृत्व में शहीदी जत्थे की दूसरी बटालियन ने चलाया".
बयान में स्कूल में हुई मौतों के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को ज़िम्मेदार ठहराया गया है और कहा गया है कि ये सब तब हुआ जब रूसी विशेष सेना ने स्कूल पर धावा बोला. बसायेफ़ के बयान में ये कहा गया है कि बेसलान में हमला चेचन्नया के बारे में रूस की नीति का विरोध करने के लिए किया गया. ये भी दावा किया गया है कि उनके गुट रियादुस सालिख़िन ने अगस्त महीने में रूस के दो विमानों को भी बम से उड़ाया. साथ ही इसमें मास्को में मेट्रो रेल पर हुए हमलों की भी ज़िम्मेदारी ली गई है. रूसी अधिकारियों ने बेसलान बंधक संकट के बाद चेचन विद्रोही नेता शमिल बसायेफ़ और अस्लान मस्ख़ादोफ़ को पकड़वाने के लिए एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की थी. अमरीकी विदेश उप मंत्री रिचर्ड आर्मिटेज ने बसायेफ़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अमानवीय बताया है और कहा है कि ऐसे व्यक्ति को नहीं रहना चाहिए. शमिल बसायेव
39 वर्षीय शमिल बसायेफ़ की रूस सरकार को कई मामलों में तलाश है जो रूस के आम नागरिकों को निशाना बनाने को सही ठहराते हैं. उनकी अगुआई में ही चेचन विद्रोहियों ने 1995 में सबसे पहले रूसी शहर बुदियोनोवस्क में बड़े पैमाने पर लोगों को बंधक बनाया था. 2002 में मास्को के एक थिएटर में लोगों को बंधक बनाने के पीछे भी उन्हीं का हाथ माना जाता है. इस वर्ष 9 मई को चेचन्या की राजधानी ग्रोज़्नी में एक समारोह के दौरान हमला कर राष्ट्रपति अहमद कादिरौफ़ की हत्या करने में भी बसायेव की भूमिका मानी जा रही है. बेसलान बंधक संकट के पहले जून महीने में इंगुशेतिया शहर में कई सरकारी इमारतों और पुलिस थानों पर एक साथ हमले की घटना से भी बसायेफ़ का ही नाम जोड़ा जा रहा है. 1996 में पहले चेचन युद्ध की समाप्ति पर रूसी सेना की वापसी के बाद बसायेफ़ राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव में उतरे मगर वे अस्लान मस्ख़ादोफ़ से पीछे रहे थे. |
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