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चेचन नेताओं पर इनाम की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस ने चरमपंथियों पर दुनिया में कहीं भी धावा बोलने की बात की है. चेचन नेताओं पर एक करोड़ डॉलर तक का इनाम भी घोषित किया गया है. रूसी सेना के प्रमुख जनरल यूरी बालुयेवस्की ने कहा, " चरमपंथी शिविरों को नष्ट करने के लिए हम दुनिया के किसी भी हिस्से में धावा बोलेंगे." उन्होंने स्पष्ट किया, "इसका मतलब परमाणु हमले से नहीं है." इस बीच रूस सरकार ने चेचन नेता अस्लान मस्खादोफ़ और शमील बसायेफ़ का सुराग देने वाले को एक करोड़ डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है. रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार रूस की संघीय सुरक्षा सेवा(एफ़एसबी) ने पुरस्कार की घोषणा की है. एफ़एसबी ने कहा है कि मस्खादोफ़ और बसायेफ़ रूस में अनेक आतंकवादी कार्रवाइयों के लिए ज़िम्मेदार हैं. रूसी अधिकारी उत्तरी ओसेतिया के बेसलान के स्कूल में ख़ून-ख़राबे के लिए भी इन दोनों चेचन नेताओं को दोष देते हैं. एफ़एसबी ने कहा है कि पक्का सुराग देने वाले व्यक्ति को 30 करोड़ रूबल यानी क़रीब एक करोड़ डॉलर तक का पुरस्कार दिया जा सकता है. वीडियो पुरस्कार की घोषणा ऐसे समय की गई है जब रूस के टेलीविज़न पर बंधक संकट के दौरान बेसलान के स्कूल में तैयार एक वीडियो के अंश प्रसारित किए हैं.
वीडियो में दिखाया गया है कि नक़ाबपोश चरमपंथियों ने स्कूल के जिम्नेज़ियम में चारों ओर विस्फोटक लगा रखे थे. इस बीच रूसी अधिकारियों ने पहली बार स्वीकार किया है कि स्कूल में 1200 से ज़्यादा लोगों को बंधक बनाया गया था. रूस के महाअभियोजक व्लादिमीर उस्तिनोफ़ ने कहा है कि बेसलान में 326 बंधकों की मौत हुई, जबकि 727 अन्य घायल हो गए. मृतकों में से 201 की शिनाख़्त कर ली गई है. उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. |
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