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रूस में व्यापक लोकतंत्र की ज़रूरत:बुश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि उन्होंने रूस में लोकतंत्र के बारे में अपनी 'चिंताओं' से राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन को अवगत करा दिया है. बुश ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अपने यूरोप दौरे के अंतिम चरण में गुरूवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिसलावा में मुलाक़ात के बाद कहा है कि रूस ने लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा में काफ़ी प्रगति की है लेकिन अमरीका को रूसी लोकतंत्र के बारे में कुछ 'चिंताएँ' हैं. व्लादिमीर पुतिन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बुश ने कहा कि रुस में एक व्यापक लोकतंत्र और स्वतंत्रता अब भी महत्वपूर्ण है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस में लोकतंत्र की जो प्रक्रिया शुरू हुई है उससे वापस नहीं हटा जाएगा. उन्होंने कहा कि रूस ने लोकतंत्र को एक पसंद के रूप में चुना है. पुतिन ने कहा कि अमरीका और रूस के साझे लंबी अवधि के हित और सामरिक लक्ष्य हैं. बुश ने पुतिन से मुलाक़ात के बाद कहा कि दोनो नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर और रचनात्मक विचार विमर्श किया है. बुश ने कहा कि 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद पुतिन ने अमरीका के सामने दरपेश चुनौतियों और ख़तरों को समझा है और उन्होंने अपने ही देश में भी इसी तरह के हमलों को भी देखा है. परमाणु हथियार समझा जाता है कि बुश ने पुतिन से मुलाक़ात में ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम में रूसी सहयोग और सीरिया को हथियार बेचे जाने पर अपनी चिंताओं से भी अवगत कराया. बुश ने कहा, "हम दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि ईरान और उत्तर कोरिया, दोनों को ही परमाणु हथियार नहीं रखने चाहिए." ईरान मुद्दे पर पुतिन ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है. ग़ौरतलब है अमरीका यही आरोप लगाता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है. |
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