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पुतिन के सुझाव, अमरीका को आपत्ति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने रूस में प्रांतों पर नियंत्रण बढ़ाने के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सुझावों पर आपत्ति जताई है. राष्ट्रपति पुतिन ने हाल में प्रांतों पर नियंत्रण बढ़ाने और देश की सुरक्षा व्यवस्था में भारी परिवर्तन करने की ज़रूरत बताई थी. पूरे देश के क्षेत्रीय गवर्नरों और राष्ट्रपति पुतिन के अपने सहयोगियों की हुई बैठक में उन्होंने ये प्रस्ताव रखा था. लेकिन रूस में उदारवादी पार्टियों के नेताओं ने राष्ट्रपति पुतिन की यह कहते हुए कड़ी आलोचना की थी कि बेसलान बंधक कांड की आड़ में वे अपने अधिकार बढ़ा रहे हैं. अब अमरीका ने भी कहा है कि बेस्लान काँड के बाद राष्ट्रपति पुतिन की इस बारे में घोषणा से रूस में लोकतंत्र के विकास पर असर पड़ सकता है. अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाऊचर ने कहा, "आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई और लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा में बढ़ने के बीच ठीक संतुलन बनाकर चलना ज़रूरी." उनका कहना था कि अमरीका इस विषय पर रूस से बातचीत करेगा. यूरोपीय संघ ने भी इस बारे में चिंता जताई है. उधर रूस में घोषणा की गई कि सुरक्षा सेवाओं को 'आतंकवाद' का सामना करने के लिए पाँच अरब डॉलर अतिरिक्त दिए जाएँगे. ये सुरक्षा सेवाओं के बजट में 27 प्रतिशत की वृद्धि है. |
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