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निष्पक्ष चुनाव के लिए रूस-नैटो बयान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस और नैटो सैन्य संगठन ने अपने मतभेदों को मिटाते हुए एक संयुक्त बयान जारी कर यूक्रेन में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की माँग की है. यह बयान ब्रसेल्स में नैटो और रूस के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद आया है. नैटो प्रमुख यैप दि हॉप श्येफ़र ने रूस के साथ बनी इस सहमति को एक बड़ी सफलता करार दिया है. नैटो-रूस संयुक्त बयान में कहा गया, "हम सभी पक्षों से हिंसा से बचने, वोटरों को डराने-धमकाने से दूर रहने और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपील करते हैं." उल्लेखनीय है कि यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर रूस और पश्चिमी देशों में तनाव की स्थिति बनती जा रही थी. चुनाव में विजयी घोषित किए गए उम्मीदवार मौजूदा प्रधानमंत्री विक्टर यानुकोविच को रूस का समर्थन प्राप्त है, जबकि उनकी जीत को चुनौती देने वाले विक्टर युशचेन्को को पश्चिम देशों का. काम शुरू इस बीच यूक्रेन में सरकारी कर्मचारियों ने 17 दिनों बाद काम पर लौटना शुरू किया है. ऐसा उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में कमी लाने के बाद किया है. उल्लेखनीय है कि युशचेन्को समर्थकों ने सरकारी भवनों की घेराबंदी उठा ली है. इससे पहले बुधवार को यूक्रेन की संसद ने एक विधेयक पारित कर वहाँ दूसरे दौर का चुनाव दोबारा कराने का का रास्ता साफ़ हो गया है. विधेयक में चुनाव सुधारों के अलावा संसद को अतिरिक्त अधिकार देने की भी बात है. |
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