| यूक्रेन में दोबारा चुनाव करवाने का रास्ता साफ़ हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कई दिन तक चली खींचतान के बाद यूक्रेन की संसद ने चुनाव क़ानून में सुधारों और संविधान संशोधन विधेयक को भारी बहुमत से पारित कर दिया है. इसके बाद 26 दिसंबर को राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा चुनाव करवाने का रास्ता साफ़ हो गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुए समझौते के तहत चुनाव क़ानून में बदलाव और राष्ट्रपति के कुछ अधिकारों को संसद को दिया जाएगा. निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिससे विधेयक को क़ानून का दर्जा मिल गया है. इस फ़ैसले पर विपक्ष के समर्थकों ने ख़ुशी जताई है. वे लगभग एक महीने से राजधानी कीएव में प्रदर्शन कर रहे हैं. अब विपक्ष का कहना है कि वह सरकारी इमारतों की घेराबंदी उठा लेगा. अब विपक्ष के नेता और पश्चिमी देशों की ओर झुकाव रखने वाले विक्टर युशचैन्को का मुकाबला रूस का समर्थन करने वाले विक्टर यानूकोविच से होगा. इससे पहले 21 नवंबर को हुए चुनाव में यानूकोविच को विजयी घोषित किया गया था लेकिन युशचैन्को और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने इस चुनाव में धाँधली के आरोप लगाए थे. युक्रेन के सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव रद्द कर दिया था और दोबारा चुनाव करवाए जाने का आदेश दिया था. |
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