|
यूक्रेन में दूसरे दौर का मतदान रद्द | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर का मतदान फिर से कराने का निर्देश दिया है. इस फ़ैसले को विपक्ष के हक़ में माना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने एक तरह से मान लिया कि चुनाव में धाँधलियाँ हुई थीं. इस फ़ैसले को विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को की जीत की तरह देखा जा रहा है क्योंकि उन्होंने हमेशा दूसरे दौर का मतदान दोबारा कराने की मांग की है. अदालत ने दोबारा मतदान का काम 26 दिसंबर तक पूरा कर लेने का निर्देश दिया है. अदालत ने चुनावी धाँधलियों के लिए चुनाव आयोग को भी आड़े हाथों लिया है. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की जानकारी मिलते ही राजधानी कीव में अदालत के बाहर खड़े युशचेन्को के हज़ारों समर्थकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई. नाराज़गी दूसरी ओर प्रधानमंत्री विक्टोर यानुकोविच के समर्थकों ने फ़ैसले पर नाराज़गी दिखाते हुए आरोप लगाया है कि अदालत ने राजनीतिक भूमिका निभाई है. यानुकोविच समर्थकों के गढ़ माने जाने वाले दोनेत्स्क शहर से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार लोग अदालत के फ़ैसले पर ग़ुस्सा दिखा रहे हैं. प्रधानमंत्री और चुनावों में विजयी घोषित किए गए उम्मीदवार विक्टोर यानुकोविच और निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा मांग करते रहे हैं कि संपूर्ण चुनाव यानी दोनों दौर के मतदान नए सिरे से कराए जाने चाहिए उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भी 21 नवंबर को हुए दूसरे दौर के मतदान में धाँधलियों की शिकायत की थी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||