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प्रधानमंत्री यानूकोविच ने चुनाव रद्द करने को कहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संसद में अपने ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाने के बाद यूक्रेन के प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने सुप्रीम कोर्ट से दूसरे दौरे के विवादित राष्ट्रपति चुनाव रद्द करने को कहा है. इससे पहले यूक्रेन की संसद ने प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया. यह अविश्वास प्रस्ताव काफ़ी कम अंतर से पास हुआ. विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को ने यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की थी. मंगलवार को संसद ने इस पर चर्चा शुरू की थी और बुधवार को इस पर मतदान हुआ. दूसरी ओर देश के निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने देश में चल रहे संकट को ख़त्म करने के लिए नए सिरे से राष्ट्रपति चुनाव कराने का औपचारिक प्रस्ताव रखा है. कुचमा ने कहा कि सिर्फ़ पिछले महीने हुए दूसरे दौर के चुनाव को दोबारा कराना ठीक नहीं होगा. यूक्रेन के राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज़ हो गए हैं. सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत टूट जाने के बाद इन कोशिशों में तेज़ी आई है. मध्यस्थता यूरोपीय संघ और रूस के प्रतिनिधि राजनीतिक संकट का समाधान खोजने में सक्रिय हैं. ये संकट 21 नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में धाँधली होने के आरोपों और विपक्ष के समर्थकों के प्रदर्शन के बाद पैदा हुआ. मंगलवार को विपक्ष के नेता विक्टर युशचेन्को ने सरकार के साथ बातचीत से अपने प्रतिनिधियों को वापस बुला लिया था और प्रदर्शन तेज़ करने की बात की थी.
उधर सत्ताधारी पक्ष के उम्मीदवार प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा चुनाव करवाए जाने वाले बीच के रास्ते को मानने के लिए शर्त रखी है. उनका कहना है कि चुनाव दोबारा करवाने के लिए तब ही राज़ी होंगे यदि उसमें इस चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार दोबारा नहीं लड़ते. ये मामला संसद में भी पहुँचा जहाँ विपक्षी नेता विक्टोर युशचेन्को ने मांग रखी कि वह प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पास करे. इस बीच देश के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में धाँधलियों के आरोपों पर सुनवाई का काम जारी रखा है. |
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