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यूक्रेन में विपक्ष सड़कों पर, विरोध प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव के नतीजे आने के साथ ही सत्ताधारी पक्ष और विपक्ष के बीच ठन गई है. विपक्ष के नेता विकटर युशचैंको ने राजधानी कीव में अपने लगभग पचास हज़ार समर्थकों को संबोधित किया है. वे मतदान में धाँधली के आरोप लगा रहे हैं और उनके शब्दों में- 'मतदान में धाँधली ऐसे की गई है जैसे सोवियत संघ में की जाती थी.' लगभग 98 प्रतिशत मतों की गिनती हो चुकी है और यूक्रेन के चुनाव आयोग का कहना है कि विक्टर यानूकोविच, जिन्हें सत्ताधारी पक्ष का समर्थन हासिल है, तीन प्रतिशत प्वाइंट से आगे हैं. 'जनता के राष्ट्रपति' इस चुनाव में रूस की ओर झुकाव रखने वाले सत्ताधारी पक्ष के विकटर यानूकोविच और विपक्ष के नेता विक्टर युशचैंको के बीच काँटे की टक्कर थी. विक्टर यानूकोविच यूक्रेन के वर्तमान प्रधानमंत्री हैं और रूस के समर्थक माने जाते हैं लेकिन विपक्ष के नेता विक्टर युशचैंको यूरोप के साथ करीबी रिश्तों के पक्ष में हैं. बीबीसी संवाददाता हैलन फ़ॉक्स का कहना है कि राजधानी कीव में विपक्ष के प्रदर्शन में जब विपक्षी नेता विकटर युशचैंको जब मंच पर आए तो -'जनता के राष्ट्रपति' कह कर उनका परिचय कराया गया. वहाँ उनके हज़ारों समर्थक मौजूद थे. जब उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि जीत उनकी होगी और यूक्रेन के नागरिक हार नहीं मानेंगे तो लोगों में काफ़ी उत्साह नज़र आया. विपक्षी नेता विक्टर युशचैंको ने आरोप लगाया कि सरकार ने लोगों को मतदान में भाग लेने से रोका. परस्पर विरोधी बयान कीव में कड़ाके की ठंड के बावजूद उन्होंने प्रण लिया कि प्रदर्शन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा और पूरे यूक्रेन से लाखों लोग इसमें भाग लेंगे. प्रदर्शन स्थल से यूक्रेन के सांसद ओलेग रिबाचुक ने बीबीसी को बताया, "अब ये स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति कुचमा के निर्देश पर काम किया है. उन्होंने तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया. विक्टर युशचैंको के समर्थक चुनाव सर्वेक्षण और आए नतीजों में फरक देखकर दंग रह गए हैं." उधर यूक्रेन के प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच के सलाहकार एलैक्स किसलेव का कहना था, "मैं ये आशा करता हूँ कि आगे जो भी होगा वह शांतिपूर्ण ढंग से ही होगा. अब उम्मीदवार युशचैंको -'जनता के राष्ट्रपति' बनने की बात कर रहे हैं. पता नहीं इससे उनका क्या अभिप्राय है. उन्होंने तो ये मान लिया है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तभी माना जाएगा यदि युशचैंको की जीत होती है." बीबीसी संवादादाता मौथ्यू कौलिन का कहना है कि इस चुनाव में ज़हर देने, डराने-धमकाने, समाचार पत्रों की भेदभावपूर्ण रिपोर्टिंग से लेकर अब मतदान में धाँधली के आरोप भी लग गए हैं. उनका कहना है कि दोनो उम्मीदवारों का दुनिया को देखने का नज़रिया और यूक्रेन के भविष्य के बारे में अलग-अलग सोच है. जहाँ प्रधानमंत्री यानूकोविच रूस को अपना दोस्त मानते हैं वहीं विपक्षी नेता युशचैंको यूरोपीय संघ और नैटो के साथ करीबी रिश्ते चाहते हैं. दोनो उम्मीदवारों ने कहा है कि वे अर्थव्यवस्था बेहतर करेंगे और रोज़गार के नए अवसर पैदा करेंगे. प्रधानमंत्री यानूकोविच सामाजिक स्थिरता का वादा करते हैं तो विपक्षी नेता युशचैंको का आरोप है कि वे - उनके शब्दों में - लुटेरे उद्योगपतियों के करीब हैं जो निजिकरण की नीति से अमीर हो रहे हैं. |
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