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ओल्मर्ट के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन तेज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान युद्ध के मामले पर आई रिपोर्टों के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के ख़िलाफ तेल अवीव में ज़बर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुआ है. हज़ारों की संख्या में लोगो ने ओल्मर्ट के विरोध में नारे लगाए और उनके इस्तीफ़े की मांग की. लोगों के हाथों में बैनर थे जिसमें लिखा हुआ था कि ओल्मर्ट वापस जाओ, तुम असफल रहे. ये विरोध प्रदर्शन उस रिपोर्ट के बाद हो रहे हैं जिसमें प्रधानमंत्री ओल्मर्ट को पिछले साल लेबनान में हिज़बुल्ला के ख़िलाफ़ युद्ध में मिली हार के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है. इस रिपोर्ट के बाद इसराइली संसद नेसेट का विशेष सत्र बुलाया गया था जिसमें इस रिपोर्ट पर चर्चा हुई. चर्चा के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं ने भी ओल्मर्ट के इस्तीफ़े की मांग की लेकिन इस सत्र में ओल्मर्ट के इस्तीफ़े की नौबत नहीं आई. हालांकि बुधवार को ओल्मर्ट के कैबिनेट की विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने ही प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर दी थी. पिछले साल हिज़बुल्ला के साथ हुई भीषण झड़प में इसराइल को कोई ख़ास सफलता नहीं मिली थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने लेबनान युद्ध की स्थिति को कारगर तरीके से नहीं संभाला और उन्होंने कई ग़लत फ़ैसले लिए. इस युद्ध के बाद से ही ओल्मर्ट पर इस्तीफ़े के लिए दबाव बना हुआ है. रिपोर्ट लेबनान युद्ध के बारे में आई रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद से एक मंत्री पहले ही इस्तीफ़ा दे चुके हैं. ये मंत्री लेबर पार्टी के थे जो ओल्मर्ट की गठबंधन सरकार में एक घटक दल है. मंत्री का कहना था कि वह ओल्मर्ट के साथ काम नहीं कर सकते. ओलमर्ट की कदीमा पार्टी के संसदीय दल के मुखिया ऐविगडोर यित्ज़ाकी भी प्रधानमंत्री ओलमर्ट के इस्तीफ़े की माँग कर चुके हैं. एविगडोर यित्ज़ाकी कदीमा पार्टी के चेयरमैन हैं और वह इसके संस्थापकों में से एक रहे हैं. एविगडोर यित्ज़ाकी ने कहा कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ताकि कदीमा प्राटी अपना काम जारी रख सके. इसराइली अख़बार हारेट्ज़ ने ख़बर छापी है कि एविगडोर यित्ज़ाकी ने यह भी कहा है कि अगर प्रधानमंत्री ओल्मर्ट इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो वह ख़ुद ही इस्तीफ़ा दे देंगे. बुधवार को कई अख़बारों में जनमत सर्वेक्षणों के नतीजे छपे हैं जिनमें इसराइलियों की भारी संख्या चाहती है कि प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट पद से हट जाएँ. बड़े पैमाने पर पढ़े जाने वाले अख़बार येडियट अहारोनोट के सर्वे के अनुसार क़रीब 65 प्रतिशत लोगों का कहना था कि ओल्मर्ट को प्रधानमंत्री पद छोड़ देना चाहिए जबकि सिर्फ़ दस प्रतिशत का ख़याल था कि उन्हें प्रधानमंत्री बने रहना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें लेबनान युद्ध पर ओल्मर्ट की आलोचना30 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इसराइल-लेबनान सीमा पर गोलीबारी07 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इसराइल ने संभवत समझौता तोड़ा'29 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इसराइली सेना प्रमुख ने इस्तीफ़ा दिया17 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना ज़्यादातर इसराइली सैनिक लेबनान से हटे01 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना प्रमुख ने नाकामी मानी24 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना 'सामरिक संतुलन बदलने का दावा'14 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना युद्धविराम की ज़मीनी सच्चाई14 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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