|
लेबनान युद्ध पर ओल्मर्ट की आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल में एक जाँच समिति ने पिछले साल लेबनान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू करने की योजना पर प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट की आलोचना की है. इसके बावजूद ओल्मर्ट ने कहा है कि वह अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे. सरकारी जाँच समिति ने उनको और अन्य नेताओं को युद्ध के दौरान कई विफलताओं के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. हिज़्बुल्ला द्वारा दो इसराइली सैनिकों को बंधक बनाए जाने के विरोध में इसराइल ने लेबनान पर हमला कर दिया था. ओल्मर्ट की लोकप्रियता फिलहाल अभी तक के सबसे कम स्तर पर है लेकिन उन्हें अमरीका से समर्थन मिला है. व्हाइट हाउस के प्रवक्त ने कहा कि मध्य-पूर्व में शांति के लिए ओल्मर्ट का सत्ता में रहन ज़रूरी है. ओल्मर्ट ने रिपोर्ट के बारे में कहा, "हम निश्चित रूप से इन दस्तावेजों को पढ़ेंगे और निश्चित करेंगे कि भविष्य में अभी बताई गईं गलतियाँ न दोहराई जाएँ." सेवानिवृत्त जज एलिया वाइनोग्रैड ने छह महीनों तक चली जाँच के बाद रिपोर्ट पेश कर दी. इसमें कहा गया है कि बिना ठोस योजना के युद्ध शुरू करना एक बड़ी गलती थी. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल को मुशर्रफ़ की मदद नहीं चाहिए22 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इसराइल और फ़लस्तीनियों में संघर्ष22 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना मिस्र में 'परमाणु जासूस' गिरफ़्तार17 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना अरब देशों से वार्ता को तैयार इसराइल01 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना शांति योजना में जान फूँकने की कोशिश28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'मध्य-पूर्व में अरब देश सक्रिय हों'27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||