BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ज़्यादातर इसराइली सैनिक लेबनान से हटे
इसराइली सैनिक
इसराइल ने हज़ारों सैनिकों को लेबनान भेजा था
लेबनान के साथ युद्धविराम समझौते के छह हफ़्ते बाद इसराइल ने वहाँ से अपने सैनिकों को हटाने का काम पूरा कर लिया है.

संयुक्त राष्ट्र ने भी इसराइली सैनिकों की वापसी की पुष्टि की है. हालाँकि एक अपवाद लेबनान का एक छोटा सीमावर्ती इलाक़ा रजर है, जहाँ हिज़्बुल्ला के साथ युद्ध से पहले से ही इसराइली सैनिक तैनात थे.

इसराइली रक्षा अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा है कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के तहत सैनिकों को हटा लिया है. लेकिन उनकी सेना रजर में तब तक बनी रहेगी, जब तक सुरक्षा के बारे में इसराइल, संयुक्त राष्ट्र और लेबनानी सेना के बीच सहमति नहीं हो जाती.

युद्धविराम के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव में हिज़्बुल्ला के निशस्त्रीकरण की भी बात कही गई है लेकिन हिज़्बुल्ला ने इससे इनकार किया है. हिज़्बुल्ला का कहना है कि वह अपने लड़ाकों को तैयार रख रहा है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दोनों पक्षों को इस बात पर कम ही भरोसा है कि संयुक्त राष्ट्र सैनिक फिर से हिंसा को फैलने से रोक सकते हैं.

वापसी

इसराइली सेना के अधिकारियों के अनुसार शनिवार मध्यरात्रि के बाद क़रीब 200 इसराइली सैनिक अपने यहाँ लौट आए.

क़रीब एक महीने चली लड़ाई के दौरान इसराइल ने अपने हज़ारों सैनिकों को लेबनान भेजा था. जुलाई में हिज़्बुल्ला ने दो इसराइली सैनिकों को अगवा कर लिया था जिसके बाद लड़ाई भड़क गई थी.

संयुक्त राष्ट्र की अगुआई में युद्धविराम लागू होने के बाद अब लेबनानी और अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक सैनिक युद्धविराम की निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं. हालाँकि अभी भी इसराइल के अगवा दोनों सैनिक हिज़्बुल्ला के क़ब्ज़े में ही हैं.

इसराइली सैनिकों में जीत का भाव नहीं था

इसराइली सेना के प्रवक्ता विका गोलान ने कहा, "लेबनान की ज़िम्मेदारी अब लेबनानी सरकार के हाथों में है. साथ ही संयुक्त राष्ट्र की भी ज़िम्मेदारी है. इसलिए हिज़्बुल्ला की हर गतिविधि के लिए लेबनान ज़िम्मेदार होगा."

छह सप्ताह पहले लागू हुए युद्धविराम के बाद से ही इसराइल अपने सैनिकों को लेबनान से चरणबद्ध तरीक़े से हटा रहा था.

हाल ही में लेबनान ने इसकी शिकायत की थी कि इसराइली सैनिकों की वापसी काफ़ी धीमी गति से हो रही है.

सीमावर्ती इलाक़े से बीबीसी संवाददाता मैथ्यू प्राइस का कहना है कि हालाँकि सीमा पार करते समय इसराइली सैनिक हँस रहे थे और उन्होंने अपने देश का झंडा थाम रखा था, लेकिन किसी तरह की जीत का माहौल नहीं था.

क़रीब एक महीने तक चली लड़ाई के दौरान लेबनान में 1100 से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें ज़्यादातर आम नागरिक थे. जबकि 150 से ज़्यादा इसराइली मारे गए थे, जिनमें से ज़्यादातर सैनिक थे.

इससे जुड़ी ख़बरें
'अरब-इसराइल मसले में लंबी नाकामी'
22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना
इसराइल ने 'दुखद ग़लती' की बात मानी
15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>