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'अरब-इसराइल मसले में लंबी नाकामी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि नई फ़लस्तीनी सरकार इसराइल को मान्यता दे देगी. महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि प्रस्तावित फ़लस्तीनी राष्ट्रीय एकता की सरकार मध्यस्थ देशों की माँग को मान लेगी. अन्नान मध्य-पूर्व को लेकर हो रही सुरक्षा परिषद की विशेष मंत्री स्तर की बैठक की शुरुआत कर रहे थे. अरब लीग के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद की यह विशेष बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में इस बात पर चर्चा होनी है कि फ़लस्तीनी प्रशासन और इसराइल के बीच चर्चा एक बार फिर किस तरह शुरु हो सकती है. बहरीन के विदेश मंत्री शेख़-ख़ालिद बिन-अहमद बिन-मोहम्मद अल-ख़लीफ़ा ने कहा कि अरब लीग का मानना है कि इस समय शांति-स्थापना की संभावनाएँ हैं और इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए. अरब लीग ने अनुरोध किया है कि सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद कोफ़ी अन्नान यह बताएँ कि बातचीत फिर से किस तरह शुरु की जा सकती है. कोफ़ी अन्नान ने इस बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि मध्य-पूर्व में बातचीत के रास्ते में सुधार की ज़रुरत है, हालांकि मंज़िल अभी बहुत दूर है. उन्होंने कहा कि इसराइली कब्ज़े का हटना 1967 से शुरु हुआ था और एक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र का निर्माण, सुरक्षित इसराइल और शांति के साथ दो पड़ोसियों का रहना, एक दूरस्थ लक्ष्य और कल्पनातीत दिखाई देता है. | इससे जुड़ी ख़बरें राष्ट्रीय सरकार की कोशिशों का स्वागत20 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'बातचीत के लिए स्थायी माध्यम चाहते हैं'19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'मध्यपूर्व की समस्या सुलझाने की ज़रुरत'15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने 'दुखद ग़लती' की बात मानी15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना हिज़्बुल्ला पर युद्धापराधों का आरोप14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी क्षेत्र के लिए 50 करोड़ डॉलर01 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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