BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 15 सितंबर, 2006 को 21:55 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'मध्यपूर्व की समस्या सुलझाने की ज़रुरत'
हवाना में नैम नेताओं के साथ मनमोहन सिंह
हवाना में नेताओं के साथ मनमोहन सिंह
क्यूबा में गुट निरपेक्ष देशों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने मध्यपूर्व की समस्या को सुलझाने की अपील की है.

ईरान सहित 55 देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि दुनिया के कई देशों के लिए लेबनान की घटना एक चेतावनी देने वाली घटना है.

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कई देशों को लगने लगा है कि इस समस्या को जड़ से ही ख़त्म करना होगा और इसराइल-फ़लस्तीन समस्या का हल तलाशना होगा.

उनका कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में हर दिन हो रही हिंसा की घटनाओं से ज़ाहिर है कि वहाँ दखल दिए बिना वहाँ गृहयुद्ध और अराजकता को रोकना संभव नहीं है.

उन्होंने विकासशील देशों से भी अपील की कि वे सुरक्षा, विकास और मानवाधिकार के क्षेत्रों में कार्य करें.

नाम का औचित्य

गुटनिरपेक्ष आंदोलन के कई समर्थक भी अब मानने लगे हैं कि इसके नाम का अब कोई औचित्य नहीं कर गया है.

इस आंदोलन का नाम 1960 के दशक में रखा गया था जब इंडोनेशिया, मिस्र, घाना, युगोस्लाविया और भारत ने मिलकर यह निर्णय लिया था कि वे दुनिया की दो महाशक्तियों अमरीका और सोवियत संघ से अपने आपको अलग रखेंगे.

गुटनिरपेक्ष देशों का सम्मेलन

अब जबकि सोवियत संघ का विघटन हो चुका है और अमरीका अकेली महाशक्ति रह गया है यह सवाल अपने आप उठता है कि इस आंदोलन के सौ से अधिक सदस्य किससे अपने आपको अलग रखते हैं.

क्यूबा, वेनेजुएला और ईरान जैसे देश मानते हैं कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन को अमरीकी विदेश नीति का विरोध करना चाहिए क्योंकि वह पूरी दुनिया को दबाने की कोशिश कर रहा है.

लेकिन इससे कई देश असहमत हैं.

इसका एक कारण यह भी है कि भारत, दक्षिण अफ़्रीका, पाकिस्तान और थाइलैंड आदि कई देशों के संबंध अमरीका से बहुत मधुर हैं.

लेकिन कुछ छोटे देशों के लिए यह आंदोलन एक अवसर की तरह है जहाँ वह कई शक्तिशाली देशों के बीच जाकर अपनी बात कहने का मौक़ा पा सके.

सम्मेलन शुरु

गुट निरपेक्ष आंदोलन की बैठक शुक्रवार को क्यूबा में शुरू हुई लेकिन समारोह में क्यूबा के आधी सदी से शासक रहे फ़िदेल कास्त्रो नज़र नहीं आए क्योंकि वह बीमार चल रहे हैं.

कहा गया है कि राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो पेट के ऑपरेशन के बाद अब भी आराम कर रहे हैं.

फ़िदेल कास्त्रो
कास्त्रो बीमारी के बाद आराम कर रहे हैं

उनके भाई राउल कास्त्रो समारोह में राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो की नुमाइंदगी कर रहे हैं.

गुट निरपेक्ष देशों के इस सम्मेलन में लगभग पचास राष्ट्राध्यक्ष और सौ से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.

भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह भी इस समारोह में भाग लेने के लिए पहुँचे हैं.

इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की मुलाक़ात की संभावना है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा भी है कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ हवाना में मुलाकात के दौरान 'सीमित समय में आतंकवाद पर नियंत्रण पाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.'

शिखर-सम्मेलन दो दिनों तक चलेगा.

माना जाता है कि इसमें सभी 118 सदस्य देशों की सहमति से एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा.

इससे जुड़ी ख़बरें
'मुशर्रफ़ से आतंकवाद पर चर्चा होगी'
15 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>