|
हिज़्बुल्ला की ’दैवी जीत’ पर रैली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान की राजधानी बेरुत में हिज़्बुल्ला आंदोलन के लाखों समर्थक एक रैली में हिस्सा ले रहे हैं जिसकी वजह वे इसराइल पर 'दैवी जीत' बता रहे हैं. झंडे लहराते और नारे लगाते ये समर्थक दक्षिणी बेरुत के एक चौक में जमा हुए हैं. यह वह क्षेत्र है जिसका अधितकर भाग इसराइली हवाई हमलों से तबाह हो चुका है. हिज़्बुल्ला ने पूरे इलाक़े में कड़ी सुरक्षा के इंतज़ाम किए हुए हैं. पहले यह स्पष्ट नहीं था कि हिज़्बुल्ला नेता हसन नसरल्लाह इस रैली में आएँगे या नहीं क्योंकि वह इसराइल से एक महीने तक जारी रही लड़ाई के बाद से सामने नहीं आए हैं.
नसरल्लाह शामिल हुए लेकिन थोड़ी देर पहले ख़बर मिली है वह रैली में हिस्सा लेने पहुँच गए हैं. हिज़्बुल्ला का दावा था कि उससे लगभग पाँच लाख समर्थक इस रैली में हिस्सा लेंगे. इसराइल और हिज़्बु्ल्ला के बीच पाँच हफ़्ते तक चली लड़ाई का चौदह अगस्त को ख़ात्मा हुआ है. इस लड़ाई में इसराइल के 116 सैनिक मारे गए जबकि 43 नागरिकों की जानें गईं. उधर लेबनान के एक हज़ार से ज़्यादा नागरिक और बड़ी संख्या में हिज़्बुल्ला लड़ाके इस लड़ाई का शिकार बने. वैसे इसराइल हिज़्बुल्ला लड़ाकों को सीमा से खदेड़ने और अपने दो सैनिकों को उनके चंगुल से छुड़ाने के अपने मक़सद में नाकाम रहा था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ब्रिटेन लेबनान की मदद करे'11 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने 'दुखद ग़लती' की बात मानी15 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'नाकाम आत्मघाती हमलावर' को मृत्युदंड21 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इसराइल पर फ़लस्तीनियों में मतभेद22 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||