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चो सुंग हुई मानसिक अस्पताल गया था | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के वर्जीनिया टेक विश्वविद्यालय में अंधाधुंध गोली चलाकर 32 लोगों की जान लेने वाले छात्र चो सुंग हुई के बारे में पुलिस ने कहा है कि उसे 2005 में एक मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पुलिस के अनुसार चो सुंग हुई को दो छात्राओं की शिकायत के बाद मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ये शिकायतें वर्ष 2005 के नवंबर और दिसंबर महीनों में की गई थीं. यह वही समय था जब चो सुंग हुई के अंग्रेज़ी शिक्षकों ने उसके रचनात्मक लेखन और व्यवहार को लेकर चिंताएँ ज़ाहिर की थीं. चो सुंग हुई के बारे में यह भी कहा गया है कि वह एकांतप्रिय और अंतर्मुखी था और किसी से घुलता-मिलता नहीं था. वर्जीनिया टेक विश्वविद्यालय में चो सुंग हुई को पढ़ाने वाले एक प्रोफ़ेसर लुसिंडा रॉय का कहना है कि वह तब ख़ासी चिंतित हों गई थीं जब चो ने रचनात्मक लेखन के एक अभ्यास में जो रचना लिखी थी वह काफ़ी परेशान करने वाली थी. दक्षिण कोरियाई मूल के 23 वर्षीय छात्र चो सुंग हुई को अपने में मग्न रहने वाला और अंतर्मुखी छात्र बताया गया है. पुलिस ने कहा है कि चो सुंग हुई ने पहले तो गोली चलाकर दो छात्रों को मार दिया था और उसके दो घंटे बाद फिर से अंधाधुंध गोली बरसाकर 30 और लोगों को मार दिया. वर्जीनिया टेक विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग की पूर्व अध्यक्षा लुसिंडा रॉय ने सीएनएन से बातचीत में कहा कि 2005 में चो हुई ने रचनात्मक लेखन में जो रचना लिखी थी उसे दिखाने के लिए रचनात्मक लेखन के प्रोफ़ेसर उनके पास आए थे. रॉय ने कहा कि चो सुंग हुई की वो रचना देखकर वह बहुत परेशान हुई थीं कि चो हुई को क्लासरूप से बाहर बुलाकर उससे अकेले में बातचीत की गई. लुसिंडा रॉय ने कहा, "चो सुंग हुई की रचना देखकर मैं इतनी परेशान थी कि मुझे नहीं लगा कि ऐसी स्थिति में उस छात्र को क्लासरूम में छोड़ा जा सकता था." लुसिंडा रॉय ने कहा कि उन्होंने चो सुंग हुई के बारे में अनेक अधिकारियों से बार-बार बातचीत की और उनका ख़याल है कि उनकी चेतावनी को और ज़्यादा गंभीरता से लिया जाना चाहिए था. विश्वविद्यालय ने लुसिंडा रॉय की इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. नाटक में झलक चो सुंग हुई के एक पूर्व सहपाठी इयन मैकफरलेन ने कहा कि उसने चो के लिखे दो नाटक अमरीका ऑनलाइन की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किए थे.
जिन नाटकों को चो सुंग हुई का लिखा हुआ बताया गया है वे अश्लीलता से भरे हुए हैं और एक नाटक में तो एक आदमी 13 साल के अपने सौतेले बेटे को मार देता है. उधर विश्वविद्यालय पर इस बात के लिए काफ़ी दबाव पड़ रहा है कि गोलीबारी की घटना के संबंध में प्रशासन की क्या भूमिका रही है. वर्जीनिया के गवर्नर टिम केइन ने मंगलवार को कहा था कि अधिकारियों ने इस घटना के संबंध में जो कार्रवाई की है उसकी पूरी जाँच के लिए एक स्वतंत्र पैनल बनाया गया है. इस जाँच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या गोलीबारी करने वाले छात्र चो सुंग हुई की प्रकृति के बारे में पहले से विश्वविद्यालय को जानकारी थी और क्या यह घटना रोकने के लिए विश्वविद्यालय अधिकारियों ने समुचित कार्रवाई की. छात्रों और उनके अभिभावकों ने शिकायतें करते हुए कहा है कि जब उस छात्र चो सुंग हुई ने गोलीबारी की पहली घटना में दो छात्रों को मार दिया था तो तभी विश्वविद्यालय बंद कर दिया जाना चाहिए था. |
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