|
इराक़ सुरक्षा योजना की कड़ी आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी संसद कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की इराक़ सुरक्षा योजना पर तीख़ी बहस हो रही है और बहस में बुश प्रशासन की आलोचना भी हुई है. अमरीकी प्रतिनिधि सभा उस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है जिसमें राष्ट्रपति बुश के इराक़ में 21 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने के फ़ैसले का विरोध किया गया है. लेकिन ये प्रस्ताव राष्ट्रपति बुश के लिए बाध्यकारी नहीं होगा. उधर इराक़ ने कहा है कि अमरीका की तैयार की गई नई इराक़ सुरक्षा योजना के तहत वो ईरान और सीरिया से लगने वाली सीमा को तीन दिन के लिए बंद कर रहा है. 'बुश की नीति पर भरोसा नहीं' प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नैन्सी पलोसी का कहना था, "अमरीकी लोगों को इराक़ में राष्ट्रपति बुश की नीति पर भरोसा नहीं रहा और वे नई दिशा की माँग कर रहे हैं." पलोसी का कहना था कि समझ नहीं आ रहा कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती कब ख़त्म होगी. रिपब्लिकन नेता जॉन बॉइनर ने चेतावनी दी कि अमरीकी नीति को कमज़ोर करने की कोशिशों से पूरे विश्व में 'आतंकवादियों' का मनोबल बढ़ेगा. इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को मतदान होगा. प्रतिनिधि सभा में मतदान के बाद ये प्रस्ताव सीनेट में पेश किया जाएगा. नवंबर 2006 में हुए चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा में बहुमत पाने के बाद इराक़ पर पहली बार व्यापक बहस हो रही है. इराक़ युद्ध में अमरीकी सेना की ओर से भाग लेने वाले डेमोक्रेट सांसद पैट्रिक मर्फ़ी का कहना था, "मेरे इराक़ छोड़ने के तीन साल बाद भी अमरीकी सैन्य काफ़िलों पर घात लगाकर हमले हो रहे हैं और अमरीकी सैनिक इराक़ में गली-कूचों की सुरक्षा करने में जुटे हुए हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें सीनेट समिति ने इराक़ नीति ठुकराई24 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में आत्मघाती हमला, 15 की मौत27 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना गृह युद्ध की ओर अग्रसर इराक़ 29 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में धमाके, 67 की मौत12 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'बुश प्रशासन ईरान मुद्दे पर सतर्कता बरते'12 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में आत्मघाती हमला, 15 की मौत11 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ी ख़ुफ़िया रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई'09 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीकी हमले में इराक़ी सैनिक मारे गए09 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||