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'बुश प्रशासन ईरान मुद्दे पर सतर्कता बरते' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्यों ने बुश प्रशासन से कहा है कि ईरान पर इराक़ में हिंसक गतिविधियों को समर्थन देने के आरोपों को लेकर वे सतर्कता से काम ले. इराक़ में काम कर रहे अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि उनके पास इसके ठोस सबूत हैं कि ईरान इराक़ के शिया विद्रोहियों को हिंसा के लिए समर्थन दे रहा है. डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर क्रिस डॉड ने कहा कि बुश प्रशासन ने पहले सुबूतों को ग़लत तरीके से पेश करने की कोशिश की थी. उनका कहना था, इस बात में कोई शक नहीं है कि ईरान कुछ हद तक ये काम करता आया है और समस्या को सुलझाने की ज़रूरत है लेकिन मैं इस बात को लेकर आशंकित हूँ कि ईरान पर भविष्य में सैनिक कार्रवाई के लिए कोई भूमिका तैयार की जा रही है. क्रिस डॉड का कहना था कि ये एक बहुत बड़ी ग़लती होगी. डेमोक्रेटिक पार्टी के ही जॉन केरी ने कहा कि लोगों को कांग्रेस के उन सदस्यों की बात सुननी चाहिए जो मानते हैं कि अन्य देशों से बात करने की ज़ररूत है. हस्तक्षेप बीबीसी संवाददाता के मुताबिक बुश प्रशासन इस बात का खंडन करता रहा है कि वो ईरान पर हमले की योजना बना रहा है पर उसने ये संकेत ज़रूर दिए हैं कि इराक़ में ईरानी हस्तक्षेप से निपटने के लिए वो सैनिक बल इस्तेमाल कर सकता है. ईरान ने इस तरह के हस्तक्षेप की बात से इनकार किया है. शीर्ष अमरीकी रक्षा अधिकारियों ने रविवार को बग़दाद में पत्रकारों को रॉकेट लाँचर, मोर्टार और अन्य उपकरणों दिखाए थे और कहा कि ये हथियार वैसे ही हैं जिनका इस्तेमाल अमरीकी सैनिक गश्ती दलों पर आक्रमण में किया जाता है. अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि ऐसे हमलों में जून 2004 से अब तक 170 से ज़्यादा अमरीकी सैनिक मारे गए हैं. अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ये हथियार ईरान से आए हैं और इसके लिए आदेश ईरानी सरकार के शीर्ष स्तर से दिए गए थे. एक अधिकारी ने ईरान की अल क़ुदस ब्रिगेड पर ऊंगली उठाते हुए कहा कि जनवरी में इबरिल में मारे गए छापों में इस संगठन के एक वरिष्ठ कमांडर समेत पाँच ईरानियों को पकड़ा गया है. ईरान ने इस बात से इनकार किया है कि पकड़े गए लोगों का संबंध ब्रिगेड से है. ईरान अल क़ुदस ब्रिगेड को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं देता है पर कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि संगठन का संबंध सीधे अयातुल्ला अली ख़मेनेई से है. | इससे जुड़ी ख़बरें जारी रहेगा ईरान का परमाणु कार्यक्रम11 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना सुरक्षा सम्मेलन में ईरान का मुद्दा11 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीका को ख़ामनेई ने दी चेतावनी08 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में ईरानी दूत का 'अपहरण'06 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर हमले के ख़िलाफ़ चेतावनी05 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीका ने दी ईरान को चेतावनी01 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ईरान की अमरीका को चुनौती18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना प्रतिक्रियाएँ:ईरान को हिंसा बढ़ने का अंदेशा30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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