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सुरक्षा सम्मेलन में ईरान का मुद्दा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
म्युनिख में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दूसरे दिन ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम के छाए रहने की आशा है. इस सम्मेलन को आज ईरान परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी बातचीत के प्रमुख वार्ताकार अली लरीजानी संबोधित करने वाले हैं. इस सम्मेलन में अमरीका, रूस, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के रक्षा मंत्री और सांसद आए हुए हैं. सम्मेलन के लिए म्युनिख पहुंचने के बाद लरीजानी ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा विवाद बातचीत और वार्ताओं से सुलाझाया जा सकता है. इससे पहले शनिवार को रुस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने इसी सम्मेलन में कहा था कि अमरीका पूरी दुनिया में अपना दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में संयुक्त राष्ट्र ने अगले महीने की समय सीमा तय की है और कहा है कि अगर ईरान तय समयसीमा में यूरेनियम संवर्धन नहीं रोकता तो उसे आर्थिक प्रतिबंध झेलने होंगे. कोई और रास्ता नहीं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत 1962 में हुई थी और उसके बाद से प्रतिवर्ष दुनिया भर के नेता यहां जुटते हैं और तत्कालीन अंतररष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान करते हैं. इससे पहल जर्मन चांसलर एंगेला मर्कल ने सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों से कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जाए. उन्होंने कहा ' तेहरान को संयुक्त राष्ट्र परमाणु संस्था आईएईए की मांगों को मानना ही होगा और उसके पास इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है.' मर्कल का कहना था ' हम यहां बहुत ही संवेदनशील तकनीक की बात कर रहे हैं और इसके लिए हमें उच्च स्तरीय पारदर्शिता बरतनी होती है जो ईरान ने नहीं किया है. अगर ईरान ऐसा करना जारी रखता है तो ईरान को अलग थलग करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रह जाता है. ' लरीजानी लगातार कहते रहे हैं कि ईरान परमाणु ऊर्जा चाहता है परमाणु हथियार नहीं. रायटर्स संवाद समिति के अनुसार लरीजानी ने कहा ' हमारा मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद वार्ताओं से सुलझ सकता है.' उधर यूरोपीय संघ के कूटनीतिज्ञ लरीजानी के साथ एक बैठक करने की उम्मीद लगाए हुए हैं. पिछले साल दोनों पक्षों के बीच परमाणु मुद्दे पर चल रही वार्ताएं टूट गई थीं जिसके बाद से संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ईरान यूरेनियम संवर्धन शुरू करेगा24 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना नागरिकों को रिहा किया जाए: ईरान14 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'शांति प्रक्रिया फिर शुरू हो सकती है'14 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश पर लगाम लगाने का प्रयास19 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान से ख़तरे' के ख़िलाफ़ बुश के आदेश26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर हमले के ख़िलाफ़ चेतावनी05 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीका को ख़ामनेई ने दी चेतावनी08 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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