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ईरान की अमरीका को चुनौती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान ने अमरीका को चुनौती दी है कि वह साबित करे कि जिन पाँच नागरिकों का अपहरण किया गया है वे इराक़ में चरमपंथियों की सहायता कर रहे थे. ईरान ने अमरीका पर आरोप लगाया है कि उसने इन पाँच ईरानी राजनयिक कर्मचारियों का अपहरण किया है. यह बयान उन ईरानी राजनयिक कर्मचारियों के बारे में आया है जिन्हें कुछ दिन पहले अमरीकी सैनिकों ने इराक़ के उत्तरी शहर इरबील में छापा मारकर गिरफ़्तार किया था. अमरीका इस बात का खंडन करता है कि वे ईरानी कर्मचारी राजनयिक श्रेणी के हैं बल्कि अमरीका का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों का संबंध ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से है और वे इराक़ में शिया लड़ाकों को सशस्त्र करने में लगे हुए थे. इराक़ में ईरान के राजदूत हसन काज़िमी क़ौमी ने इन गिरफ़्तारियों को "इराक़ की संप्रभुता पर हमला और इराक़ी लोगों की बेइज़्ज़ती क़रार" दिया और इन लोगों को तुरंत रिहा किए जाने की माँग की. हसन काज़िमी क़ौमी ने इन आरोपों का खंडन किया कि ईरान इराक़ में हिंसा में शामिल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का "अपहरण" किया गया है वे राजनयिक कर्मचारी थे और अपने वैध कार्यों में लगे हुए थे. हसन काज़िमी क़ौमी ने राजधानी बग़दाद में बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नोर्द से कहा, "इस तरह की कार्रवाई उन तमाम अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन करती हैं जो कूटनीतिक संरक्षण प्रदान करती हैं. इतना ही नहीं, इस तरह की कार्रवाई इराक़ और ईरान के बीच हुए समझौते के दायरे के भी ख़िलाफ़ हैं." हसन काज़िमी क़ौमी ने इन आरोपों का खंडन किया कि इराक़ के अस्थिर देखने में ईरान का दिलचस्पी है. उन्होंने कहा कि अगर इराक़ में अस्थिरता और अशांति होती है तो बहुत से शरणार्थी ईरान की सीमा पर आ सकते हैं. हसन काज़िमी क़ौमी की गुरूवार की इस तीखी टिप्पणी से एक दिन पहले ही बुधवार को एक अन्य प्रभावशाली शिया नेता अब्दुल अज़ीज़ अल हकीम का बयान आया था जिसमें उन्होंने ईरानी कूटनीतिक कर्मचारियों को गिरफ़्तार किए जाने की घटना को इराक़ की संप्रभुता पर हमला क़रार दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें मलिकी का नाराज़गी भरा बयान18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश सांसदों को समझाने में जुटे18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश की इराक़ योजना के ख़िलाफ़ प्रस्ताव17 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शिया नेता का सख़्त बयान17 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पिछले साल 34 हज़ार इराक़ी मारे गए'16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ को अस्थिर नहीं होने देंगे'11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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