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पाकिस्तानी डॉक्टर ने की आत्महत्या | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर इमरान यूसुफ़ की आत्महत्या पर ब्रितानी स्वास्थ्य विभाग ने गहरा अफ़सोस प्रकट किया है. ब्रिटेन में नियमों में परिवर्तन की वजह से डॉक्टर यूसुफ़ के सामने नौकरी करने के सारे रास्ते बंद हो गए थे, कर्ज़ में दबे होने के कारण उन्होंने 19 जनवरी को आत्महत्या कर ली थी. स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आत्महत्या की घटना पर संवेदना प्रकट की है लेकिन साथ ही नियमों में परिवर्तन के कारण भी गिनाए हैं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में निवेश के बाद ब्रिटेन में बड़ी संख्या में डॉक्टर तैयार हो रहे हैं और यूरोपीय देशों के डॉक्टरों को प्राथमिकता दी जा रही है इसलिए ये परिवर्तन किए गए हैं. ताज़ा परिवर्तनों की वजह से यूरोप के बाहर से आकर नौकरी कर रहे लगभग 16 हज़ार डॉक्टरों को ब्रिटेन छोड़ना पड़ सकता है. इनमें लगभग अस्सी फ़ीसदी डॉक्टर भारतीय हैं. ब्रिटेन सरकार की बदली हुई नीति के ख़िलाफ़ अपील करने वालों में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के कई डॉक्टर हैं. तीन साल पहले लाहौर से डॉक्टरी की पढ़ाई पास कर, आँखों में कई सपने लिए डॉक्टर इमरान यूसुफ़ ब्रिटेन पहुँचे थे. कई और डॉक्टरों की तरह ब्रिटेन में काम करने के लिए ज़रूरी प्लैब की परीक्षा भी पास की, ब्रिटेन के बेडफ़र्ड इलाक़े में रहने लगे. लेकिन फिर वर्ष 2006 में ब्रिटेन सरकार ने नियम बदले तो इमरान सहित कई डॉक्टरों को नौकरी मिलना लगभग असंभव हो गया. अदालत में केस भी इमरान हार गए. उनके सहयोगी डॉक्टर कहते हैं कि जब सारे दरवाज़े बंद हो गए तो 19 जनवरी 2007 को डॉक्टर इमरान यूसुफ़ ने आत्महत्या कर ली. दबाव ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ़ फ़िज़िशियंस ऑफ़ इंडियन ओरिजिन यानी बेपियो के अध्यक्ष डॉक्टर रमेश मेहता कहते हैं, “हमारी उसके कई दोस्तों से बात हुई, मैं भी इमरान यूसुफ़ को जानता था. हमें इस बात में कोई शक नहीं है कि ये जो नियम बदले उसकी वजह से उसके ऊपर काफ़ी दबाव आ गया और उसके नौकरी के रास्ते बंद हो गए.” सहयोगी डॉक्टर कहते हैं कि इसकी जानकारी मीडिया में पहले इसीलिए नहीं आई क्योंकि वे यह बात पहले ख़ुद डॉक्टर इमरान यूसुफ़ के परिवार को बताना चाहते थे. डॉक्टर इमरान यूसुफ़ को क़रीब से जानने वाले भारतीय मूल के राजेंद्र चौधरी रूँधे गले से कहते हैं, "मुझे बहुत दुःख है कि इमरान ने आत्महत्या कर ली, वो बेहद अच्छा इंसान था. जो भी उसे जानता था उसे बेहद चाहता था." पाकिस्तान में डॉक्टर इमरान यूसुफ़ का परिवार सदमे में है, ब्रिटेन में उनके सहयोगी रोष में हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें वीज़ा प्रणाली में बदलाव से लोग परेशान16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना दुनिया में 19 करोड़ प्रवासी:संयुक्त राष्ट्र07 जून, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी सीनेट में आप्रवासी विधेयक पास25 मई, 2006 | पहला पन्ना अवैध आप्रवासियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई21 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'प्रवासन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ'22 जून, 2005 | पहला पन्ना अवैध आप्रवासियों की समस्या का सच30 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना शादियों के बहाने घपला25 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना लोग अमीर देशों का रुख़ कर रहे हैं21 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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