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सद्दाम हुसैन के जीवन के अहम पड़ाव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुजैल नरसंहार के मामले में सद्दाम हुसैन को फाँसी दे दी गई. पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को इराक़ी समय के अनुसार सुबह छह बजे फाँसी दी गई. प्रस्तुत हैं सद्दाम हुसैन के जीवन के कुछ अहम पड़ाव: 28 अप्रैल 1937: सद्दाम हुसैन का जन्म तिकरित के निकट उजा में हुआ. 1957: सद्दाम हुसैन बाथ सोशलिस्ट पार्टी में शामिल हुए. 1958: अपने बहनोई की हत्या के मामले में सद्दाम हुसैन गिरफ़्तार हुए और जेल में भेजे गए. 1959: बग़दाद में एक हमले में शामिल होने के बाद सद्दाम हुसैन ने देश से भाग गए. 1963: सद्दाम हुसैन मिस्र से लौटे. 1968: बाथ पार्टी सदस्यों और सैनिक अधिकारियों ने तख़्ता पलट किया और सद्दाम हुसैन को आंतरिक सुरक्षा का ज़िम्मा मिला. सद्दाम के चचेरे भाई अहमद हसन अल बकर के अधीन सरकार बनी. 16 जुलाई 1979: सद्दाम हुसैन ने राष्ट्रपति का पद संभाला. 22 सितंबर 1980: सद्दाम हुसैन ने ईरान में सेना भेजी और आठ साल तक चले युद्ध का आरंभ हुआ. 28 मार्च 1988: उनके शासनकाल में कुर्द बहुल शहर हलाबजा में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ. 2 अगस्त 1990: सद्दाम हुसैन ने क़ुवैत पर आक्रमण किया. 17 जनवरी 1991: अमरीका के नेतृत्व में गठबंधन सेना ने क़ुवैत मामले में दख़ल दिया और क़ुवैत से इराक़ी सेना हट गई. मार्च 1991: सद्दाम हुसैन ने दक्षिण में शिया विद्रोह और उत्तर में कुर्दों के विद्रोह को कुचल दिया. 17 अप्रैल 1991: संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के तहत सद्दाम हुसैन ने हथियार कार्यक्रम पर सूचना देनी शुरू की. लेकिन उन पर सूचनाएँ छिपाने का भी आरोप लगा. 20 फरवरी 1996: सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद लौटे अपने दोनों दामादों की हत्या का आदेश दिया. 16 दिसंबर 1998: हथियार निरीक्षक बग़दाद से हटे. चार दिनों तक ब्रितानी और अमरीकी वायु सेना ने हमला किया. 8 नवंबर 2002: सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत काम न करने के लिए सद्दाम हुसैन को गंभीर परिणाम की चेतावनी दी गई. 17 मार्च 2003: अमरीका, ब्रिटेन और स्पेन ने घोषणा की कि कूटनीति का समय अब ख़त्म हो गया है. सद्दाम हुसैन को देश छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया. 20 मार्च 2003: अमरीकी सेना ने इराक़ पर हमला किया. 9 अप्रैल 2003: अमरीकी सेना बग़दाद में घुसी. सद्दाम की प्रतिमा को तोड़ दी गई. 22 जुलाई 2003: सद्दाम हुसैन के दोनों बेटे उदै और क़ुसै मारे गए. 13 दिसंबर 2003: सद्दाम हुसैन को तिकरित के निकट अदवार से पकड़ा गया. 30 जून 2004: सद्दाम हुसैन को इराक़ की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. 1 जुलाई 2004: सद्दाम और उनके शासनकाल के कई वरिष्ठ सदस्य अदालत में पेश हुए. उन्होंने युद्ध अपराध और नरसंहार के आरोपों से इनकार किया. 13 जून 2005: सद्दाम हुसैन का एक वीडियो जारी हुआ, जिसमें दिखाया गया कि कैसे उनसे दुजैल नरसंहार के मामले में पूछताछ की जा रही है. 19 अक्तूबर 2005: सद्दाम के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू हुआ लेकिन सद्दाम हुसैन ने अदालत की वैधानिकता को चुनौती दी. 20 अक्तूबर 2005: अज्ञात बंदूकधारियों ने बचाव पक्ष के वकील सादौन अल जनाबी का अपहरण किया. बाद में उनका शव बरामद हुआ. 8 नवंबर 2005: बचाव पक्ष के एक अन्य वकील अब्दुल अल ज़ुबैदी की हत्या कर दी गई. 28 नवंबर 2005: सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ मुक़दमा फिर शुरू हुआ. सद्दाम हुसैन ने अमरीका को आक्रमणकारी और देश पर क़ब्ज़ा करने वाला बताया. 21 दिसंबर 2005: सद्दाम हुसैन ने आरोप लगाया कि अमरीकियों ने उन्हें प्रताड़ित किया. 15 जनवरी 2006: मुख्य जज रिज़ग़ार अमीन ने आरोपों के बाद पद छोड़ा. 23 जनवरी 2006: कोर्ट अधिकारियों ने राउफ़ अब्दुल रहमान को नया जज नियुक्त किया. 21 जून 2006: बचाव पक्ष के वकील ख़ामिस अल ओबैदी का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई. 7 जुलाई 2006: सद्दाम हुसैन और तीन अन्य अभियुक्तों ने खाना छोड़ा. 23 जुलाई 2006: भूख हड़ताल के 17वें दिन सद्दाम हुसैन को अस्पताल ले जाया गया. 27 जुलाई 2006: दुजैल नरसंहार का मुक़दमा स्थगित किया गया. 5 नवंबर 2006: सद्दाम हुसैन को मानवता के ख़िलाफ़ अपराध का दोषी पाया गया. उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई. 7 नवंबर 2006: कुर्दों के नरसंहार मामले में सद्दाम हुसैन अदालत पहुँचे. उन्होंने इराक़ियों से अपील की कि वे आपस के मतभेद भुलाएँ और हाथ मिलाएँ. 28 नवंबर 2006: सद्दाम हुसैन के एक अन्य वकील गियोवानी डी स्टीफ़ानो ने कोलंबिया की ज़िला अदालत में मौत की सज़ा रोकने के लिए अपील दायर की. 29 नवंबर 2006: सद्दाम हुसैन के एक वकील को अदालत से बाहर भेजा गया. 26 दिसंबर 2006: मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ सद्दाम हुसैन की अपील ख़ारिज़. जज ने 30 दिनों के अंदर फाँसी देने की बात कही. 28 दिसंबर 2006: सद्दाम हुसैन के सौतेले भाई उनसे जेल में मिले. सद्दाम हुसैन ने अपनी वसीयत और अपने निजी सामान उनके हवाले किया. 30 दिसंबर 2006: इराक़ी समय के मुताबिक़ सुबह छह बजे सद्दाम हुसैन को फाँसी दे दी गई. |
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