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'सद्दाम को साल के अंत तक सज़ा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी मलिकी ने बीबीसी से कहा कि 'उन्हें ऐसी उम्मीद है कि सद्दाम हुसैन को इस साल के अंत तक मौत की सज़ा दे दी जाएगी.' बग़दाद में बीबीसी के जॉन सिम्पसन के साथ बातचीत में मलिकी ने कहा कि 'पूर्व राष्ट्रपति को फाँसी की सज़ा किसी दबाव की वजह से प्रभावित नहीं होगी.' उन्होंने बीबीसी से कहा, '' हम चाहते हैं कि दुनिया इराक़ के न्यायिक फ़ैसले का आदर करे.'' ग़ौरतलब है कि सद्दाम हुसैन को दो दिन पहले दुजैल नरसंहार मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. मलिकी ने कहा कि यदि अपील में भी अदालत सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा की पुष्टि करती है तो यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह इस पर अमल करे. इधर सद्दाम हुसैन मंगलवार को अन्य मामलों में फिर अदालत में पेश हुए. सद्दाम और उनके छह सहयोगियों पर 1980 के दशक में उत्तरी इराक़ में कुर्दों के खिलाफ़ सैन्य अभियान 'अनफ़ल' चलाने का इल्ज़ाम है. इस अभियान में एक लाख 80 हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे. दूसरा मामला यह स्पष्ट नहीं है कि इराक़ी प्रशासन पहले मामले में सज़ा देने से पहले दूसरे मुक़दमे की सुनवाई पूरी होने तक का इंतज़ार करेगा या नहीं.
मौत की सज़ा के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील अपने आप दायर हो जाएगी और इस पर नौ न्यायाधीशों का पैनल निर्णय करेगा. यह फ़ैसला इस साल के आख़िर या अगले साल की शुरुआत में आने की उम्मीद है और अगर मौत की सज़ा का निर्णय कायम रहता है तो 30 दिनों के भीतर सद्दाम को फाँसी देनी होगी. सद्दाम हुसैन मंगलवार को एक और मामले में जब अदालत में पेश हुए तो उन्होंने इराक़ियों से राष्ट्रीय एकता का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, "मैं सभी इराक़ियों, अरबों और कुर्दों से एक दूसरे को माफ़ करने, मेल मिलाप बढ़ाने और आपस में हाथ मिलाने का आह्वान करता हूँ." |
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