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सद्दाम को सज़ा: नेताओं की प्रतिक्रिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को फाँसी की सज़ा सुनाए जाने के बाद इराक़ और दुनिया भर के नेताओं ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पेश हैं इनमें से कुछ नेताओं की प्रतिक्रिया. इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अलमालिकी सद्दाम हुसैन को न्याय मिला और यह उन हज़ारों इराक़ी बहनों और भाइयों की आह का जवाब है जिन्हें उन्होंने कई तरह से सज़ा दी थी.
मुमकिन है कि इससे उन लोगों की पीड़ा में कुछ कमी आए जिन्होंने अपने रिश्तेदारों को सद्दाम के ज़ुल्मों के कारण गँवा दिया था और अपने दर्द को सीने में दबाए हुए थे. इससे उन लोगों को भी काफ़ी राहत मिलेगी जो सालों से मानवाधिकारों से वंचित रहे और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से दूर रखे गए. इराक़ी संसद के उपाध्यक्ष ख़ालिद अल अतिया सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ हम अधिक से अधिक सज़ा की उम्मीद कर रहे थे क्योंकि सद्दाम और उनके साथियों ने इराक़ी जनता पर बेइंतहा अत्याचार किया था. इस फ़ैसले से हम ज़रा भी हैरत में नहीं है बल्कि इस फ़ैसले के आने में देरी लगी है, इसे तो और भी पहले आना चाहिए था. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता टोनी स्ना यह इराक़ी जनता के लिए अच्छा दिन है.यह इस बात का प्रमाण है कि इराक़ में एक पूर्ण स्वतंत्र न्यायिक व्यवस्था है जो साबित करता है कि इराक़ की न्याय व्यवस्था पूरी ईमानदारी और आज़ादी से काम कर रही है. इराक़ में अमरीकी राजदूत जलमे ख़लीलज़ाद आज का दिन इराक़ के लिए एक मील का पत्थर है. आज का दिन देश के नवनिर्माण और स्वतंत्र समाज की और बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण क़दम है. हालाँकि आने वाले दिनों में इराक़ी जनता को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन सद्दाम का अध्याय ख़त्म होने के बाद एक सगंठित देश और बेहतर भविष्य की उम्मीदें की जा सकती है. इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तलाबानी मैं समझता हूं यह मुक़दमा पूरी तरह इंसाफ़ पर आधारित था. मैं अदालत की स्वतंत्रता का सम्मान करता हूं. आख़िर तक मैं इस मामले में ख़ामोश रहूँगा क्योंकि हमारी प्रतिक्रिया हालात को प्रभावित कर सकती है.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अली हुसैनी ईरान इस सज़ा का स्वागत करता है. हालांकि हम सद्दाम के उन पश्चिमी सहयोगियों को भी नहीं भुला सकते जिन्होंने सद्दाम को जुल्म करने के लिए मदद पहुंचाई. ब्रिटेन की विदेश मंत्री मारग्रेट बेकेट हम सद्दाम और उनके सहयोगियों को सज़ा सुनाए जाने का स्वागत करते हैं. सद्दाम के शासनकाल में काफ़ी अत्याचार किए गए इसलिए यह सही है कि जिसने इराक़ी जनता पर ज़ुल्म ढाए उनको सज़ा मिले. रूसी ड्यूमा के विदेश मामलों की कमेटी के अध्यक्ष कोसतांतिन कोसाचेवः सद्दाम हुसैन के व्यवहार और रवैए से इराक़ और इराक़ से बाहर ऐसे फ़ैसले की अपेक्षा थी. लेकिन यह स्पष्ट है कि इस फ़ैसले के बाद इराक़ी समाज के अंदर का विभाजन और गहरा होगा. दूसरी तरफ़ मैं मानता हूँ कि सद्दाम को दी गई फाँसी की सज़ा पर शायद ही अमल हो सके. किसी न किसी तरह इस सज़ा को रोक दिया जाएगा, चाहे यह इराक़ी राष्ट्रपति की ओर से हो या किसी और तरह से. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मध्यपूर्व के निदेशक मालकम स्मार्ट हम सद्दाम और उनके साथियों को फाँसी दिए जाने के ख़िलाफ़ है. हम नहीं मानते कि यह मुक़दमे की बचाव पक्ष के गवाहों और वकीलों के लिए सुरक्षा के मुनासिब इंतज़ाम नहीं थे. हर व्यक्ति का यह अधिकार है कि उसे संतुलित न्यायिक प्रक्रिया के तहत कारर्वाई का मौक़ा दिया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम के फ़ैसले से पहले इराक़ में तनाव05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन: बिना पटकथा का शो-मैन05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम की सज़ा पर मिली-जुली प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन: ज़िंदगी का सफ़र05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम और जजों के बीच नोंक-झोंक05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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