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सद्दाम पर मुक़दमा 'अप्रामाणिक' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पर मुक़दमा दोषपूर्ण था और उसपर सुनाया गया फ़ैसला अप्रामाणिक था. मानवाधिकार संस्था की ओर से उस मुक़दमे पर सवाल उठाए गए हैं जिसपर सुनवाई करते हुए दो सप्ताह पहले यानी पाँच नवंबर को इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति को मौत की सज़ा सुनाई गई थी. इस मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने सद्दाम हुसैन को दुजैल नरसंहार का दोषी करार देते हुए फाँसी की सज़ा दी थी. ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस मुक़दमे पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इसकी सुनवाई के दौरान कई बातों की अनदेखी की गई है जिसके कारण यह मुक़दमा दोषपूर्ण हो जाता है. उधर इराक़ सरकार ने मानवाधिकार संस्था की ओर से पेश की गई इस रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए बीबीसी को बताया कि सद्दाम मामले की सुनवाई निष्पक्ष थी. सवाल संस्था का आरोप है कि इस मुक़दमे में प्रबचाव पक्ष को पहले से ही सबूतों के बारे में बताने जैसे पहलुओं की लगातार अनदेखी की गई. इसके अलावा बचाव पक्ष के उन आधारभूत अधिकारों की अवहेलना की गई जिसके तहत वो अभियोजन पक्ष के गवाहों से सवाल कर पाते. संस्था ने इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश की निष्पक्षता पर भी सवालिया निशान लगाए हैं और कहा है कि जिन सबूतों के आधार पर सद्दाम हुसैन पर आरोप साबित किया गया है, उनमें गंभीर खामियाँ हैं.
यह भी आरोप लगाया गया है कि मामले की सुनवाई शुरुआत से ही पक्षपातपूर्ण रहीं ताकि मौत की सज़ा से बचना संभव न हो सके. विवाद ग़ौरतलब है कि पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति के पास उन्हें इस मामले में मौत की सज़ा सुनाए जाने के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए तय समयावधि में से फिलहाल दो सप्ताह का वक्त और बाकी है. पर सद्दाम के वकीलों की मानें उन्हें अपील करने से रोका जा रहा है. सद्दाम की ओर से मुख्य वकील ख़लील अल दुलैमी ने बीबीसी को बताया कि उनकी टीम को अपील के कागज़ात तैयार करने से रोका जा रहा है. उन्होंने बताया कि इराक़ के क़ानून के मुताबिक अपील सज़ा सुनाए जाने के एक महीने की समयावधि में करनी होती है. अधर अभियोजन पक्ष का कहना है कि सद्दाम पर चला मुक़दमा पूरी तरह से निष्पक्ष था और उनके पास अपने बचाव के सभी अधिकार थे. अभियोजन पक्ष के प्रमुख ने बताया कि इस मामले से संबंधित सभी ज़रूरी कागज़ात अपील कोर्ट में भेज दिए गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सद्दाम को फाँसी देने से हिंसा और बढ़ेगी'10 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम को साल के अंत तक सज़ा'08 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अरब मीडिया में फ़ैसले की आलोचना'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम और जजों के बीच नोंक-झोंक05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन: ज़िंदगी का सफ़र05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम को सज़ा: नेताओं की प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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