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'सद्दाम को फाँसी देने से हिंसा और बढ़ेगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने कहा है कि अगर इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति को फाँसी पर लटकाया जाता है तो इससे हिंसा और ज़्यादा बढ़ेगी. सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा दिए जाने के पाँच दिनों बाद मुबारक ने फाँसी दिए जाने का विरोध किया. सद्दाम को मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी अरब देश के राष्ट्राध्यक्ष ने इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सद्दाम को फाँसी पर लटकाया जाता है तो ऐसा करने से ख़ून-ख़राबा और बढ़ेगा. मिस्र में सरकार की ओर से प्रकाशित होने वाले कुछ समाचार पत्रों में छपे राष्ट्रपति के बयान में ऐसा कहा गया है. सद्दाम को सज़ा राष्ट्रपति मुबारक अमरीका के क़रीबी माने जाते हैं. ग़ौरतलब है कि रविवार को इराक़ में एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को दुजैल नरसंहार का दोषी करार देते हुए उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी. सद्दाम को इस वर्ष के आख़िर तक फाँसी दी जा सकती है. संवाददाताओँ का मानना है कि अरब देशों के कुछ नेता पूर्व राष्ट्रपति को मौत की सज़ा सुनाए जाने को सहज होकर नहीं देख रहे हैं. मुबारक के बयान को भी इसी रूप में देखा जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें किसी को भी मौत की सज़ा के पक्ष में नहीं हैं ब्लेयर06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम को सज़ा मील का पत्थर'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अरब मीडिया में फ़ैसले की आलोचना'06 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम को सज़ा: नेताओं की प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम की सज़ा पर मिली-जुली प्रतिक्रिया05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन को मौत की सज़ा05 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी चुनाव में इराक़ पर सवाल04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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