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अल-क़ायदा चाहता है अमरीका बात करे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चरमपंथी गुट अल-क़ायदा के दूसरे नंबर के नेता एमन अल-ज़वाहिरी ने कहा है कि अमरीका को कभी न कभी अल-क़ायदा से बात करनी पड़ेगी. इस साल जारी किए गए अपने पंद्रहवें टेप में अल-ज़वाहिरी ने कहा है कि अमरीका और दूसरे यूरोपीय देश तब तक अल-क़ायदा के निशाने पर रहेंगे जब तक कि इस्लामिक देशों में मुसलमानों पर हमले होते रहेंगे. अल-ज़वाहिरी का नया टेप अल-ज़ज़ीरा टेलीविज़न पर प्रसारित किया गया है. बीबीसी के रक्षा और सुरक्षा मामलों के संवाददाता रॉब वाटसन का कहना है कि अल-ज़वाहिरी अपने नए टेप में एक ऐसी बात कह रहे हैं जो कोई सोच तक नहीं सकता. और वो है अल-क़ायदा और अमरीका के बीच बातचीत. इस टेप में अल-ज़वाहिरी ने कहा है कि अमरीका इस समय इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के मामले में बात कर रहा है लेकिन वह उन लोगों से बात नहीं कर रहा है जो मुस्लिम दुनिया के ताक़तवर लोग हैं. उनका इशारा अल-क़ायदा और दूसरे चरमपंथी इस्लामिक गुटों की ओर था. इससे पहले अल-क़ायदा ने पश्चिमी देशों के साथ शांति समझौते या युद्ध विराम संधि जैसी बातें कही हैं लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अल-क़ायदा ने पहली बार बातचीत के संकेत दिए हैं. यह धोखा भी हो सकता है लेकिन कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गंभीर संकेत हो सकते हैं और इससे अल-क़ायदा का आत्मविश्वास झलकता है. आतंक-विरोधी मामलों पर काम कर रहे अधिकारी व्यक्तिगत बातचीत में यह स्वीकार करते हैं कि अल-क़ायदा के साथ बातचीत एक़दम असहमत होने वाली बात भी नहीं है. लेकिन यह साफ़ दिखता है कि निकट भविष्य में तो ऐसा होने की संभावना नहीं ही है. एक नए वीडियो में फ़लस्तीनी क्षेत्र में नए चुनावों का विरोध किया है. ज़वाहिरी ने वीडियो में कहा है कि सिर्फ़ 'जिहाद' से ही 'फ़लस्तीन' को आज़ादी मिल सकती है. ये टेप अल जज़ीरा चैनल पर प्रसारित किए गए. एमन अल ज़वाहिरी ने टेप में कहा," जिहाद के अलावा अन्य कोई भी रास्ता नुकसान ही करेगा. जो लोग धर्मनिर्पेक्ष संविधान पर आधारित चुनाव के ज़रिए इस्लामिक क्षेत्रों को आज़ाद करवाना चाहते हैं वो फ़लस्तीनी क्षेत्र का एक ज़र्रा भी आज़ाद नहीं करवा पाएँगे." ज़वाहिरी के नए वीडियो में उन्होंने सफ़ेद रंग की पोशाक और काले रंग की पगड़ी पहनी है. उनके कंधे पर एक राइफ़ल भी है. शुरु में उनके संदेश के सिर्फ़ कुछ अंश ही दिखाए गए और ये स्पष्ट नहीं है कि वीडियो की शूटिंग कहाँ की गई है. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने पिछले हफ़्ते नए सिरे से चुनाव करवाने की बात कही थी. इस साल जनवरी में हुए चुनाव में हमास ने जीत हासिल की थी और उसके बाद से ही हमास और फ़तह गुट के बीच तनाव का माहौल रहा है. नए चुनावों की बात उठने के बाद से दोनों गुटों को बीच कई बार झड़पें हो चुकी हैं. रविवार को हमास और फ़तह के बीच संघर्षविराम हुआ था लेकिन हिंसा जारी रही. उसके बाद मंगलवार को दूसरी बार संघर्षविराम हुआ है. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और प्रधानमंत्री हानिया ने शांति की अपील की है. | इससे जुड़ी ख़बरें ज़वाहिरी ने नए चुनावों का विरोध किया20 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश झूठे और विफल - ज़वाहिरी30 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अगला निशाना अरब देश और इसराइल'11 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना ज़वाहिरी की धमकी: हमलों का जवाब देंगे27 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ज़वाहिरी ने ज़रक़ावी की तारीफ़ की09 जून, 2006 | पहला पन्ना ज़वाहिरी विवादित कार्टूनों को लेकर बरसे05 मार्च, 2006 | पहला पन्ना आतंकवादियों से बात नहीं: अमरीका20 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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