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आतंकवादियों से बात नहीं: अमरीका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का कथित ऑडियो टेप टेलीविज़न चैनल अल जज़ीरा पर प्रसारित होने के बाद अमरीका ने टेप में 'प्रस्तावित समझौते' को सिरे से ठुकरा दिया है. अल जज़ीरा पर प्रसारित इस टेप में ओसामा बिन लादेन को ये कहते बताया गया है कि अमरीका पर हमले की तैयारी चल रही है. लेकिन टेप में समझौते की पेशकश भी की गई है और कहा गया है कि अगर अमरीका मुस्लिम देशों से अपनी सेना हटा लेता है तो समझौता हो सकता है. अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने इसकी पुष्टि की है कि टेप में लादेन की ही आवाज़ है. अगर ऐसा है तो दिसंबर 2004 के बाद पहली बार ओसामा बिन लादेन का टेप सामने आया है. टेप में कहा गया है कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान का पुनर्निर्माण हो सकता है और ऐसे हल में कोई शर्मिंदा होने की बात नहीं. लेकिन व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्लीलेन ने स्पष्ट किया कि अमरीका 'आतंकवादियों' से बात नहीं करता, उन्हें ख़त्म करता है. असंभव अमरीका के उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि किसी भी आतंकवादी संगठन के साथ किसी तरह का समझौता असंभव है.
अमरीकी ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि वे इससे इनकार नहीं करते कि अल क़ायदा या उसके समर्थक संगठन और हमला कर सकते हैं. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे देश में चौकसी नहीं बढ़ा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि ये टेप कम से कम 22 नवंबर का लगता है क्योंकि इस टेप में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की एक समय अल जज़ीरा मुख्यालय पर बमबारी की योजना का उल्लेख है. टेप में अपने को लादेन कहने वाला व्यक्ति कहता है, "दस्तावेज़ों से पता चलता है कि दुनिया में स्वतंत्रता को ख़त्म करने वाले अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने क़तर में अल जज़ीरा के मुख्यालय पर बमबारी की योजना बनाई थी. इसका कारण ये है कि सितंबर 2001 के बाद अमरीका पर हमले नहीं हुए हैं." टेप में आगे कहा गया है कि इसका कारण ये नहीं है कि अमरीका की सुरक्षा व्यवस्था पुख़्ता है बल्कि इसका कारण ये है कि उनका संगठन इराक़ में अपनी गतिविधि चला रहा है और अमरीका पर हमले के लिए तैयारी की आवश्यकता होती है. लेकिन अमरीका पर नए सिरे से हमले की चेतावनी के साथ टेप में समझौते की पेशकश भी की गई है और इस तथ्य पर ज़ोर दिया गया है कि अमरीका जनता में इराक़ युद्ध का विरोध बढ़ रहा है. टेप में कहा गया है, "हमें दीर्घकालिक समझौते की पेशकश करने में कोई आपत्ति नहीं है. ताकि हम इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में पुनर्निर्माण कर सकें. इस समझौते में शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं क्योंकि इससे अरबों डॉलर का नुक़सान बच जाएगा." पिछले महीने अल क़ायदा में नंबर दो ऐमन अल ज़वाहिरी का एक वीडियो टेप प्रसारित हुआ था, जिसे सितंबर का बताया गया था. इस टेप में ज़वाहिरी ने कहा था कि लादेन के बारे में कई तरह की अफ़वाहें चल रही हैं लेकिन सच ये है कि वे ज़िंदा हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ओसामा के टेप' में अमरीका पर और हमलों की धमकी19 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना ओसामा जीवित हैं:ज़वाहिरी07 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना ज़रक़ावी की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट 22 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना अल क़ायदा समर्थक को 75 साल की क़ैद28 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना 'ओसामा के बारे में अटकलें ग़लत'26 जून, 2005 | पहला पन्ना ओसामा का अंदाज़ा है : सीआईए20 जून, 2005 | पहला पन्ना 'ज़रक़ावी' का दावा, चोट मामूली31 मई, 2005 | पहला पन्ना मेरा चुनाव इराक़ नीति का समर्थन:बुश16 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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