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'ओसामा के बारे में अटकलें ग़लत' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इन अटकलों को ग़लत बताया है कि अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर कबायली इलाक़े में छिपे हैं. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि किसी के पास इस बात की जानकारी या सबूत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहाँ हैं. पाकिस्तान राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि अगर कोई बता दे कि ओसामा पाकिस्तानी सीमा के भीतर कहाँ छिपे हैं तो वे उस जानकारी के आधार पर कार्रवाई ज़रूर करेंगे. परवेज़ मुशर्रफ़ का बयान ऐसे समय में आया है जबकि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अल क़ायदा और तालेबान से निबटने के सवाल पर वाक्-युद्ध चल रहा है. अफ़ग़ानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान अल क़ायदा और तालेबान के ख़िलाफ़ प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रहा है और इन संगठनों के चरमपंथी पाकिस्तान की धरती से अफ़ग़ानिस्तान पर हमला कर रहे हैं. बीबीसी के एक कार्यक्रम में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रियों के बीच जमकर बहस हुई. अफ़ग़ान गृह मंत्री अली अहमद जलाली ने लाइव रेडियो कार्यक्रम में पाकिस्तान के गृह मंत्री आफ़ताब शेरपाओ से पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि एक तालेबान कमांडर पाकिस्तानी टीवी चैनल को इंटरव्यू दे और उसे गिरफ़्तार न किया जाए. इसके जवाब में पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कहा कि उनके देश में तीस लाख अफ़ग़ान रहते हैं, हर एक व्यक्ति पर नज़र रखना सरकार के लिए संभव नहीं है. पहले भी इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के निवर्तमान राजदूत ज़ल्मै ख़लीलज़ाद ने भी तालेबान और अल क़ायदा से निबटने में पाकिस्तान की नाकामी पर सार्वजनिक टिप्पणियां की थीं. ख़लीलज़ाद ने कहा था कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीकी लड़ाई में पाकिस्तान एक कमज़ोर कड़ी है. इस बयान पर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और कहा था कि ख़लीलज़ाद मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं. ज़ल्मै ख़लीलज़ाद को अमरीका ने इराक़ में अपना राजदूत नियुक्त किया है और वे अपना कार्यभार संभालने के लिए काबुल से रवाना हो चुके हैं. |
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