| ओसामा का अंदाज़ा है : सीआईए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख ने कहा है कि उन्हें 'अच्छा ख़ासा अंदाज़ा' है कि ओसामा बिन लादेन कहाँ हैं. लेकिन सीआईए के प्रमुख पोर्टर गॉस ने इससे अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया, उन्होंने इस बारे में भी कुछ नहीं कहा कि ओसामा बिन लादेन को कब तक पकड़ा जा सकता है. उन्होंने समाचार पत्रिका टाइम से बातचीत में कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीकी लड़ाई में कई 'कमज़ोर कड़ियाँ' रही हैं. उन्होंने कहा कि ओसामा को क़ानून के हवाले तब तक नहीं किया जा सकता जब तक कि ये 'कड़ियाँ मज़बूत न हो जाएँ.' गॉस ने यह तो नहीं बताया कि ओसामा बिन लादेन कहाँ हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे पाक-अफ़ग़ान सीमा पर स्थित कबायली इलाक़े में छिपे हो सकते हैं. ग्यारह सितंबर 2001 के हमले के बाद से ओसामा बिन लादेन की तलाश बड़े पैमाने पर की जाती रही है, उनकी गिरफ़्तारी पर ढाई करोड़ डॉलर का इनाम रखा गया है. गॉस ने अपने इंटरव्यू में पाकिस्तान का कहीं नाम नहीं लिया है लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा पाकिस्तान की ही तरफ़ है. गॉस का बयान ऐसे समय में आया है जबकि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के निवर्तमान राजदूत ज़ल्मै ख़लीलज़ाद ने भी पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. नाराज़गी काबुल में अमरीकी राजदूत ज़ल्मै ख़लीलज़ाद उस समय बहुत नाराज़ हुए थे जब पाकिस्तान के एक प्राइवेट टीवी चैनल ने एक तालेबान नेता का इंटरव्यू प्रसारित किया था, तालेबान के नेता का कहना था कि ओसामा बिन लादेन और मुल्ला उमर जीवित ही नहीं हैं बल्कि सकुशल हैं. उन्होंने एक अफ़ग़ान टीवी स्टेशन से बातचीत में कहा था, "पाकिस्तान का एक टीवी चैनल जब उन तक पहुँच सकता है तो परमाणु हथियार से लैस एक देश की सेना उनका पता क्यों नहीं लगा सकती?" इसके जवाब में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ज़ल्मै ख़लीलज़ाद का बयान 'ग़ैर ज़िम्मेदाराना' है. पोर्टर गॉस सीआईए के कामकाज के पुराने तरीक़ों के कटु आलोचक हैं, उनका कहना है कि 'सीआईए को पूरी तरह से झकझोरने की ज़रूरत' है ताकि हम अल क़ायदा से एक क़दम आगे रहें. उन्होंने कहा कि अमरीकी ठिकानों पर अल क़ायदा के हमलों का ख़तरा काफ़ी अधिक है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||