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बुश ने माना- इराक़ में जीत नहीं रहे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पहली बार स्वीकार किया है कि चरमपंथियों ने इराक़ में सुरक्षा व्यवस्था की स्थापना के सारे अमरीकी प्रयासों को विफल कर दिया है. उन्होंने माना कि इराक़ में अमरीका जीत नहीं रहा है. बीते साल की विफलताओं और उपलब्धियों का आकलन करने के बाद एक पत्रकारवार्ता में जॉर्ज बुश ने कहा कि आने वाले साल में इराक़ में 'कठिन विकल्प होंगे और अतिरिक्त त्याग' करने होंगे. उन्होंने कहा कि इराक़ और दूसरी जगह चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अमरीका ने लंबा संघर्ष किया है. हालांकि उन्होंने कहा कि अभी यह तय करना बचा है कि इराक़ में अस्थाई रुप से सैनिकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए या नहीं लेकिन वे चाहते हैं कि थलसेना और मरीन सैनिकों की संख्या बढ़ा दी जाए ताकि भविष्य में शांति सुनिश्चित की जा सके. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति बुश अगले महीने इराक़ पर नई रणनीति की घोषणा करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 अमरीकी फ़ौजों और इराक़ी लोगों के लिए कठिन साल रहा है और वर्ष 2007 में अमरीका अपने इराक़ी सहयोगी से ज़्य़ादा की अपेक्षा रहेगी. यह पूछे जाने पर कि वे कुछ हफ़्ते पहले तक तो कह रहे थे कि इराक़ में अमरीका जीत रहा है तो उन्होंने कहा कि उनका पहले का बयान इस विश्वास पर था कि अमरीका जीत ही जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने यह घोषणा भी की है कि मध्यपूर्व में अमरीकी सेना के कमांडर जनरल जॉन अबीज़ैद अगले साल की शुरुआत में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सेना का आकार बढ़ाने पर विचार-बुश20 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ में नए गठबंधन की कोशिश नहीं'13 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ नीति पर घोषणा अगले वर्ष12 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ पर सुझाव ले रहे हैं राष्ट्रपति बुश11 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश को इराक़ पर सहमति की उम्मीद09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा कि इराक़ नीति बदलेगी07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी ख़ुद समस्या का हल ढूँढें: शिया नेता04 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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