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बुश को इराक़ पर सहमति की उम्मीद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि वे आश्वस्त हैं कि अमरीकी लोग अपने राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इराक़ के लिए ऐसी दिशा पर सहमत होंगे जो उसे विजय दिला सके. अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में राष्ट्रपति बुश ने एक बार फिर इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट की तारीफ़ की, जिसमें इराक़ पर एक नई नीति की बात कही गई है. लेकिन उन्होंने साथ में यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे इस रिपोर्ट भर को आधार बनाकर कोई निर्णय नहीं लेने जा रहे हैं. इस बीच इराक़ में हिंसा जारी है. शनिवार को भी शियाओं के पवित्र शहर करबला में एक कार बम के फट जाने से पाँच लोग मारे गए और 40 अन्य घायल हो गए. इसके अलावा बग़दाद में मोर्टार दाग़े गए जिससे दो लोग मारे गए और बाक़ुबा शहर में भीड़ पर एक बंदूकधारी के गोली चलाने से चार लोगों की मौत हो गई. एक साथ आएँ राष्ट्रपति बुश ने कहा कि क्षेत्र का और अमरीकी लोगों का भविष्य 'इराक़ की जीत' पर निर्भर करता है. उन्होंने रेडियो के श्रोताओं से कहा कि 'अब ज़िम्मेदारी हम रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स पर है कि हम साथ आएँ और बेहतर रास्ते के लिए सहमति बनाएँ.' उन्होंने कहा कि वे इराक़ स्टडी ग्रुप की हर अनुशंसा पर ग़ौर करेंगे लेकिन वे पेंटागन यानी रक्षा विभाग, विदेश विभाग और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट का भी इंतज़ार करेंगे. उन्होंने कहा, "इससे पहले कि मैं इराक़ पर कोई नई शुरुआत करुँ मैं सबकी राय ले लेना चाहता हूँ." व्हाइट हाउस की प्रवक्ता डाना पेरिनो ने शुक्रवार को कहा था कि लक्ष्य यह है कि राष्ट्रपति क्रिसमस से पहले इराक़ पर नई नीति पेश कर सकें, हालांकि यह कोई पत्थर की लकीर नहीं है. उधर ईरान ने कहा है कि वह इराक़ से बाहर आने के लिए अमरीका की मदद करने को तैयार है लेकिन उनका कहना है कि ऐसा तभी हो सकता है जब अमरीका ईरान के प्रति अपना रुख़ बदल ले. | इससे जुड़ी ख़बरें करबला में धमाका, पाँच लोगों की मौत09 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा कि इराक़ नीति बदलेगी07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है: इराक़ रिपोर्ट 06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेंगे: बुश06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका इराक़ में नहीं जीत रहा'05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ी ख़ुद समस्या का हल ढूँढें: शिया नेता04 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'काम पूरा होने तक इराक़ में रहेगी सेना'30 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना 'शांति तभी जब अमरीका बाहर निकले'28 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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