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करबला में धमाका, पाँच लोगों की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के करबला शहर में शिया मुसलमानों के पवित्र धार्मिक स्थल इमाम हुसैन की मज़ार के पास हुए कार बम धमाके में पाँच लोग मारे गए हैं. इराक़ी अधिकारियों के मुताबिक़ धमाके में 40 लोग घायल भी हुए हैं. शिया मुसलमानों के इस पवित्र शहर में देश-विदेश से लोग आते हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ धमाका इतना ज़बरदस्त था कि पास की कई दूकानों में आग लग गई और कई कारों को भी नुक़सान पहुँचा. राजधानी बग़दाद से 80 किलोमीटर दक्षिण में स्थित करबला शहर नजफ़ के बाद इराक़ में शिया मुसलमानों को दूसरा सबसे बड़ा पवित्र शहर माना जाता है. करबला में सबसे बड़ा हमला मार्च, 2004 में हुआ था. उस समय कई आत्मघाती धमाके, मोर्टार हमले और धमाकों में कम से कम 180 लोग मारे गए थे. इस बीच देश की सबसे बड़ी सुन्नी राजनीतिक पार्टी इराक़ी इस्लामी पार्टी और मुस्लिम विद्वानों की एक संस्था ने शुक्रवार को थार-थार में अमरीकी सैनिक कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों के मुताबिक़ संदिग्ध अल क़ायदा चरमपंथियों के ख़िलाफ़ इस कार्रवाई में 20 चरमपंथी मारे गए. लेकिन अमरीकी हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने की भी ख़बर है. गाँव के मेयर ने अमरीकी हमलों में आम नागरिकों के मारे जाने की बात कही थी और अब इराक़ी इस्लामी पार्टी ने भी मेयर के बयान का समर्थन किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में 'अल क़ायदा चरमपंथी' मारे गए08 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना बुश ने कहा कि इराक़ नीति बदलेगी07 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है: इराक़ रिपोर्ट 06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेंगे: बुश06 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'अमरीका इराक़ में नहीं जीत रहा'05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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