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उत्तर कोरिया पर समर्थन लेने में जुटे बुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश एशिया-प्रशांत देशों के नेताओं को इस बात पर राज़ी करने का प्रयास कर रहे हैं कि वे उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों का पूरा समर्थन करें राष्ट्रपति बुश वियतनाम में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) की बैठक में भाग ले रहे हैं. उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर उन्होंने दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं से मुलाक़ात की. वे रविवार को चीन और रूस के नेताओं से मिलने वाले हैं. चीन और रूस उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कड़ा रुख अपनाने के ख़िलाफ़ हैं. दूसरी ओर अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने उत्तर कोरिया से अपील की कि वह वियतनाम का उदाहरण देखते हुए युद्ध से बचे. एपेक की बैठक में विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) की बातचीत दोबारा शुरू करने की भी अपील की गई. एक संयुक्त बयान में एपेक के 24 सदस्य देशों ने कहा कि वे गतिरोध को दूर करने के लिए अपना मौजूदा रुख़ बदलने के लिए तैयार हैं. इन सदस्य देशों का कहना है कि वे कृषि सब्सिडी में कटौती करने के लिए वचनबद्ध हैं. इसी मुद्दे पर डब्लूटीओ की दोहा बैठक में गतिरोध खड़ा हो गया था. हनोई स्थित बीबीसी संवाददाता बिल हेटन का कहना है कि व्यापार वार्ता फिर से शुरू करने की दिशा में ये एक ईमानदार कोशिश है. उनका कहना है कि इस संबंध में अमरीका की वचनबद्धता यूरोपीय संघ के देशों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगी. व्यापार बाधा इस सम्मेलन में अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने अपील की कि सदस्य देश इलाक़े में व्यापार संबंधी बाधाओं को दूर करें. उन्होंने अमरीका के साथ क़रीबी रिश्तों के लिए वियतनाम की कोशिशों की सराहना की. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया और बर्मा से अपील की कि वे भी वियतनाम का अनुसरण करें.
राइस ने कहा, "उत्तर कोरिया अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जुड़ने के लिए आवश्यक क़दम उठाए. उसका यह क़दम शांति और अवसरों के लिए नए रास्ते खोलेगा." अमरीका परमाणु मुद्दे पर उत्तर कोरिया से नपटने के लिए सहमति बनाने के पक्ष में हैं ताकि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर अगले दौर की बातचीत में एक संयुक्त मोर्चा बन सके. संभावना है कि छह देशों की यह बातचीत अगले महीने होगी. बुश ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रोह मू ह्यून से कहा कि वह प्रतिबंधों को लागू करें साथ ही सामूहिक विनाश के हथियारों की आवाजाही को नियंत्रित करने वाली अमरीकी पहल का समर्थन करे. दूसरी ओर जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे और राष्ट्रपति बुश उत्तर कोरिया के संभावित ख़तरे के मद्देनज़र रक्षा कार्यक्रम पर सहमत हो गए है. | इससे जुड़ी ख़बरें किसानों को अमरीकी दबाव की चिंता28 जून, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर कोरिया के साथ बातचीत पर सहमति31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना 'उत्तर कोरिया पर ज़्यादा दबाव न डालें'25 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना तनाव बढ़ा रहा है उत्तर कोरिया: राइस 21 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना प्रतिबंध पर चीन-अमरीका में चर्चा20 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना डब्ल्यूटीओ की बातचीत महत्त्वपूर्ण दौर में18 दिसंबर, 2005 | कारोबार डब्लूटीओ सम्मेलन में वीटो की धमकी16 दिसंबर, 2005 | कारोबार डब्ल्यूटीओ की बातचीत में अहम मुद्दे13 दिसंबर, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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