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डब्ल्यूटीओ की बातचीत महत्त्वपूर्ण दौर में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डब्ल्यूटीओ की बैठक में रात भर चली बातचीत के दौर के बाद वार्ताकारों ने एक समझौते की रूपरेखा तय कर ली है. हॉन्गकॉन्ग में चल रही डब्ल्यूटीओ की बैठक में शामिल भारत के वाणिज्य मंत्री कमल नाथ का कहना है कि इस तरह के समझौते से ग़रीब किसानों को काफ़ी मदद मिलेगी. वैसे यूरोप और अमरीका में किसानों को मिल रही निर्यात सब्सिडी समाप्त करने की अंतिम तिथि को लेकर अभी तक किसी समझौते की ख़बर नहीं मिली है. डब्ल्यूटीओ के अधिकारी अब प्रस्ताव का एक ऐसा मसौदा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जिस पर सभी एकमत हों. औपचारिक रूप से कोई प्रस्ताव स्वीकार किए जाने से पहले सभी देशों को उस पर एकमत होना होगा. ज़बरदस्त प्रदर्शन इस बीच दक्षिण कोरिया से आए प्रदर्शनकारियों और हॉन्गकॉन्ग पुलिस के बीच रात में ज़बरदस्त संघर्ष हुआ.
भयानक संघर्ष का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूरोपीय संघ के व्यापार मामलों के प्रभारी पीटर मंडेलसन को सम्मेलन स्थल तक पहुँचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा. इसके बाद वार्ताकार जब बैठे तब चर्चा लगभग बारह घंटे तक चली और स्थानीय समय के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे ही ये बातचीत समाप्त हुई. इस बातचीत से बाहर आने के बाद कमल नाथ का कहना था कि समझौते का मसौदा तैयार हो गया है. उनका कहना था कि यूरोप अब वर्ष 2013 तक सब्सिडी समाप्त करने पर तैयार हो गया है. मगर बैठक समाप्त होते-होते ब्राज़ील ने कुछ और कटौतियों का प्रस्ताव रख दिया और उसके बाद यूरोपीय संघ के वार्ताकारों के अनुसार समझौते का मसला अधर में लटक गया है. वैसे कई ग़रीब देश अपने सेवा क्षेत्र यानी सर्विसेज़ सेक्टर में उदारीकरण से काफ़ी नाराज़ हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सऊदी अरब को डब्लूटीओ की सदस्यता11 नवंबर, 2005 | कारोबार 'डब्लूटीओ बैठक से ज़्यादा उम्मीद न करें'08 नवंबर, 2005 | कारोबार अमरीका जाएगा डब्लूटीओ की शरण में31 मई, 2005 | कारोबार डब्लूटीओ: बातचीत में प्रगति के संकेत31 जुलाई, 2004 | कारोबार भारत को भी कुछ मिला है:कमलनाथ31 जुलाई, 2004 | कारोबार डब्लूटीओ ने दिया नया प्रस्ताव30 जुलाई, 2004 | कारोबार नेपाल डब्लूटीओ का सदस्य बना23 अप्रैल, 2004 | कारोबार व्यापार मुद्दों पर ग़रीब देशों के प्रयास शुरु16 अक्तूबर, 2003 को | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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