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नेपाल डब्लूटीओ का सदस्य बना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल औपचारिक रूप से विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लूटीओ का सदस्य बन गया है. नेपाल डब्लूटीओ का 147वाँ सदस्य है. नेपाल सरकार का कहना है कि डब्लूटीओ की सदस्यता हासिल करने के बाद देश की अर्थव्यवस्था के सामने चुनौतियाँ तो होंगी ही लेकिन साथ में कई अवसर भी मिलेंगे. नेपाल की गिनती दुनिया के ग़रीब देशों में की जाती है. इसका आयात निर्यात से बहुत ज़्यादा है. इस कारण उसका व्यापार घाटा भी बड़ा है. अब डब्लूटीओ की सदस्यता मिल जाने के बाद नेपाल विश्व बाज़ार में अपने को स्थापित कर पाएगा जिससे देश का निर्यात भी बढ़ सकता है. उम्मीद है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था ठीक हो पाएगी. चुनौती लेकिन नए अवसरों के साथ-साथ नेपाल को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा. नेपाल में काफ़ी कम उद्योग-धंधे हैं और उसके पास निर्यात करने के लिए कम ही चीज़े हैं. देश से ज़्यादातर निर्यात कपड़े और कालीनों का ही होता है. कृषि आधारित अर्थव्यवस्था होने के बावजूद नेपाल इतनी मात्रा में अन्न नहीं उपजा पाता कि उसका निर्यात कर सके. सस्ते सामानों के आयात के कारण देश के कई घरेलू उद्योगों को संकट का सामना करना पड़ सकता है. देश के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उत्पाद बढ़ाने और घरेलू उद्योगों पर ख़तरे को कम करने के लिए योजनाएँ बनाई जा रही है. |
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