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मंगलवार, 30 मार्च, 2004 को 18:30 GMT तक के समाचार
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चीन में मध्यवर्ग आबादी का विस्तार
चीन में मध्यम वर्ग हर साल 1 फीसदी की दर से बढ़ रहा है.
चीन में संसद ने हाल ही में संपत्ति रखने के अधिकार को मंज़ूरी दी
चीन में मध्यवर्ग की आबादी बढ़ती जा रही है.

एक अध्यययन के अनुसार अब चीन की कुल आबादी में से लगभग 20 प्रतिशत लोग मध्यवर्ग से हैं.

चीन की सामाजिक विज्ञान अकादमी के एक अध्ययन में ये पता चला है कि वहाँ पिछले जहाँ 1999 में 15 प्रतिशत चीनी लोग मध्यम वर्ग से आते थे.

मगर 2003 में ये संख्या बढ़कर 19 प्रतिशत पर पहुँच गई है.

इस अध्ययन में उन सभी घरों को शामिल किया गया जिनकी औसतन संपत्ति 18,000 डॉलर (यानि 10,000 पाउंड) से लेकर 36,000 डॉलर तक है.

कारण

 चीन को सही तौर पर एक मध्यम वर्गीय समाज कहलाने के लिये अभी भी क़रीब 20 करोड़ किसानों का शहरी इलाक़ों में प्रस्थान ज़रूरी है
ली पेलिन, सामाजिक विज्ञान अकादमी

अर्थशास्त्रियों के अनुसार इस वृद्धि की मुख्य वजह ज़मीन-जायदाद और खाने-पीने के सामानों की कीमतों का सस्ता होना है.

इसके अलावा शहरों में रहनेवाले चीनवासियों में घर और कार खरीदने की बढ़ती चाहत के कारण भी कई परिवारों की औसत आय बढ़ी.

समझा जाता है कि कई राज्य ईकाईयों ने सुधार के बाद कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा से ख़ुद को अलग कर लिया.

इसके बाद ही लोगों ने घर ख़रीदने के बारे में सोचना शुरू किया.

आबादी

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के शहरों के 49 प्रतिशत लोग अब मध्यम वर्ग में आते हैं.

अगर इस रिपोर्ट के हिसाब से देखा जाये तो एक अरब तीस करोड़ लोगों की जनसंख्या वाले चीन में अब 24 करोड़ 70 लाख लोग मध्यवर्ग से हैं.

मार्च में चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस, ने संविधान में कुछ परिवर्तन किए थे.

इन सुधारों के बाद 1949 में चीन में हुए कम्युनिस्ट आंदोलन के बाद पहली बार व्यक्तिगत संपत्ति रखने की अनुमति दी गई.

प्रयास

चीन में हुए सुधारों में अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई को पाटने के लिये पर्याप्त क़दम उठाने पर भी ज़ोर दिया गया.

इसी मसले को राष्ट्रपति हू जिंताओ और प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने काफ़ी ज़ोर-शोर से उठाया.

पार्टी ने किसानों का टैक्स माफ़ करने का वादा भी किया.

गांवों में भ्रष्ट अफ़सरों पर शिकंजा कसा गया और पैदावार बढ़ाने के लिये बेहतर तकनीक का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया गया.

साथ ही पार्टी ने शहर में रहने के परमिट के नियमों में भी बदलाव किए जिससे किसानों के लिए रोज़गार तलाशने के लिए शहर जाना आसान हो गया.

उम्मीद

सामाजिक विज्ञान अकादमी के शोधकर्ता ली पेलिन का कहना है, "हमें लगता है कि चीन को सही तौर पर एक मध्यम वर्गीय समाज कहलाने के लिये अभी भी क़रीब 20 करोड़ किसानों का शहरी इलाक़ों में प्रस्थान ज़रूरी है."

एक अनुमान के अनुसार 1970 में अर्थिक सुधार कार्यक्रम शुरू होने के बाद से अब तक 10 करोड़ किसान शहरों का रूख़ कर चुके हैं.

अध्ययनकर्ताओं के अनुसार अगर देश की अर्थव्यवस्था सही रही और मध्यम वर्ग में बढ़ोत्तरी एक प्रतिशत की दर से जारी रही, तो 2020 तक चीन का मध्यम वर्ग कुल आबादी का 40 प्रतिशत हो जायेगा.

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