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चीन में संपत्ति के अधिकार को मंज़ूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन की संसद ने देश के संविधान में महत्वपूर्ण बदलावों को मंज़ूरी दे दी है. इन परिवर्तनों के बाद चीन में लोगों को निजी संपत्ति रखने का अधिकार मिल सकेगा. 1949 में चीन में हुई क्रांति के बाद पहली बार ऐसा संभव हो पाया है. चीन की संसद ने अपने 10 दिन के वार्षिक अधिवेशन के अंतिम दिन निजी संपत्ति के प्रस्ताव पर मुहर लगाई. बीबीसी के बीजिंग संवाददाता का कहना है कि निजी संपत्ति को मान्यता दिए जाने का अर्थ ये है कि चीन ने साम्यवाद के एक प्रमुख स्तंभ को गिरा दिया है. संवाददाता के अनुसार चीन के सकल घरेलू उत्पाद में अब निजी क्षेत्र की भागीदारी लगभग दो तिहाई हो जाएगी. चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने साथ ही कहा है कि चीन के सामने जो आर्थिक चुनौतियाँ हैं वे पिछले साल की बीमारी सार्स से निपटने की चुनौती से कहीं से भी कम नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक सुधारों की गति को अनियंत्रित होने से बचाने के लिए कड़े उपाय अपनाए जाएँगे. संसद ने संविधान में मानवाधिकारों को जोड़ने के लिए भी मतदान हुआ मगर बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये क़दम बस एक प्रतीक भर है. |
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