BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 05 मार्च, 2004 को 03:14 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चीन में अमीर-ग़रीब का फ़ासला बढ़ा
चीनी संसद
दस दिन तक चलेगा चीन की संसद का वार्षिक सत्र
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने ये स्वीकार किया है कि देश में अमीरों और ग़रीबों के बीच खाई बहुत बढ़ गई है.

उन्होंने चीन के वार्षिक संसद की बैठक में कहा कि देश में आर्थिक विकास की गति को और संतुलित तरीक़े से आगे बढ़ाने की ज़रूरत है.

चीन की संसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की वार्षिक बैठक शुक्रवार को शुरु हुई.

यें बैठक दस दिन तक चलेगी और संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान संविधान संशोधन करके देश में निजी संपत्ति रखने की अनुमति दे दी जाएगी.

चीन में 1949 की कम्युनिस्ट क्रांति के बाद से ऐसा पहली बार हो पाएगा.

उपाय

चीनी प्रधानमंत्री ने संसद में नए आर्थिक उपायों की भी घोषणा की है.

इन उपायों से सात प्रतिशत का विकास दर हासिल किया जा सकता है जो पहले के मुक़ाबले दो प्रतिशत कम है.

उन्होंने कहा कि देश के ग्रामीण इलाक़ों में रहनेवाले लोग पढ़ाई और स्वास्थ्य के बढ़ते ख़र्चों की शिकायत कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए उपायों में किसानों पर करों को कम किया जाएगा और कृषि पर दी जानेवाली सब्सिडी भी बढ़ाई जाएगी.

निजी संपत्ति

चीन में निजी संपत्ति रखने के प्रस्ताव को सत्ताधारी दल के सदस्य पहले ही समर्थन दे चुके हैं.

उनका मानना है कि चीन में जो आर्थिक विकास हो रहा है उसके चलते यह ज़रुरी है.

बीजिंग में बीबीसी संवाददाता लोइज़ा लिम का कहना है कि चीन में संपत्ति को लेकर क़ानूनों में परिवर्तन का मतलब यह है कि कम्युनिस्ट पार्टी अब नाम के लिए ही कम्युनिस्ट रह गई है.

उनका कहना है कि इससे पहले चीन में संपत्ति का मालिक होने का मतलब था ज़मींदार होने का ठप्पा लगना जिसे दुष्ट माना जाता रहा है.

लेकिन अब इन क़ानूनों में परिवर्तन किया जा रहा है और इतना ही नहीं पहले जिन्हें पूँजीवादी कहकर तरह-तरह से बदनाम किया जाता था अब उनका भी पार्टी में स्वागत किया जा रहा है.

उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री वेन जियाबायो शहरी और ग्रामीण इलाक़ों में आर्थिक विषमानता दूर करने के लिए क़दम उठाने की घोषणा कर सकते हैं.

अपने शुरुआती भाषण में वेन जियाबाओ ने 2004 में सात प्रतिशत आर्थिक विकास का लक्ष्य प्राप्त करने की उम्मीद जताई है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>