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चीन और अमरीका में व्यापारिक समझौते
चीन सरकार अपना बाज़ार अमरीकी विमान और कार कंपनियों के लिए खोल रही है. माना जा रहा है कि ये क़दम अमरीका के साथ व्यापार घाटे को लेकर बढ़ते तनाव को कम करने के लिए उठाए गए हैं. चीन की सरकार ने अमरीकी कंपनियों के साथ कई व्यापारिक समझौतों की घोषणा की है. इनमें 1.7 अरब डॉलर का बोइंग विमान ख़रीद का सौदा शामिल है. इसके अलावा तीन बड़ी कार कंपनियों के साथ हुए समझौतों से हज़ारों अमरीका में निर्मित वाहन चीन के बाज़ारों में आ सकेंगे. बोइंग विमान कंपनी से हुए समझौते के तहत चीन की पाँच एयरलाइंस को विमानों की आपूर्ति 2005 -06 के बीच की जाएगी. अमरीका के वाणिज्य मंत्री डॉन इवांस का कहना था," इन समझौतों से ये संकेत मिलते हैं कि चीन अमरीका के साथ बेहतर संबंध बनाने का इच्छुक है." तनाव इसके पहले अमरीका और चीन के बीच व्यापार को लेकर संबंध तनावपूर्ण हो रहे थे.
इस साल के अंत तक चीन के साथ अमरीका का व्यापार घाटा 120 अरब डॉलर का हो जाएगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चीन के इस फ़ैसले से उसका अमरीकी में विरोध कुछ कम होगा. ऐसी धमकी दी जा रही थी कि यदि चीन अपनी मुद्रा का विनिमय दर फिर से निर्धारित नहीं करता है तो उसके उत्पादों के आयात पर भारी शुल्क लगाने के लिए विधेयक लाया जाना चाहिए. अमरीकी डॉलर की तुलना में चीनी मुद्रा की दर इतनी कम है कि चीनी उत्पाद बेहद सस्ते होते है. |
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