|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन और यूरोपीय संघ के बीच दो व्यापार समझौते
यूरोपीय संघ के नेताओं ने चीन के साथ दो महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों पर गुरुवार को दस्तख़त किए हैं. चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ और यूरोपीय संघ के मौजूदा अध्यक्ष सिल्वियो बेरलुस्कोनी,यूरोपीय आयोग के प्रमुख रोमानो प्रोदी और विदेश नीति के प्रमुख जेवियर सोलाना ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया. इसमें से एक समझौता यूरोपीय संघ के देशों में चीनी पर्यटकों की आवाजाही को सुगम बनाने से संबंद्ध है. दूसरा चीन यूरोपीय सैटेलाइट नेविगेशन प्रणाली में चीन के शामिल होने से संबंधित है. चीन गैलीलियो नामक इस प्रणाली में 23 करोड़ डॉलर का निवेश करने पर सहमत हो गया है. ये अमरीका के ग्लोबल पोज़ीशिनिंग प्रणाली का विकल्प माना जाता है. पर्यटन संबंधी समझौते से चीन के नवधनाढय लोगों को यूरोप की यात्रा में आसानी होगी. पिछले एक करोड़ 60 लाख चीनी लोगों ने यूरोप की यात्रा की थी. अब तक वीज़ा की दिक्कतों के कारण चीन के अनेक लोग यूरोप की यात्रा नहीं कर पाते हैं. बेहतर रिश्ते ये समझौते चीन और यूरोपीय संघ में बेहतर होते रिश्तों का संकेत है.
यूरोपीय संघ के अधिकारियों का कहना है कि चीन पर उसकी मुद्रा की दर को लेकर दबाव डाला जा सकता है. इसके अलावा यूरोपीय नेता उत्तरी कोरिया, बर्मा और चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड जैसे मुद्दों को भी उठा सकते हैं. यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविये सोलाना ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि ये महत्वपूर्ण है कि चीन की जैसी आर्थिक क्षमता वाले देश अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का हिस्सा बनें. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||