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'डब्लूटीओ बैठक से ज़्यादा उम्मीद न करें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और ब्राज़ील के वाणिज्य मंत्रियों ने चेतावनी दी है कि अगले महीने हाँगकाँग में होने वाली विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) की बैठक में व्यापार समझौते पर बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं की जानी चाहिए. लंदन में जापान, अमरीका और यूरोपीय संघ के वाणिज्य मंत्रियों की बैठक के बाद भारत के वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह संभव नहीं दिखता कि पूर्ण रूप से समझौता हो. डब्लूटीओ के सदस्य देश उम्मीद कर रहे हैं कि अगले महीने हाँगकाँग में होने वाली बैठक में समझौते का जो खाका तैयार किया गया है, उसे हासिल किया जाए. सदस्य देश दुनियाभर में आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए व्यापार अवरोधों में कमी करने पर बातचीत करना चाहते हैं. प्रगति लंदन में बैठक के बाद पाँचों वाणिज्य मंत्रियों ने कहा कि उन्होंने प्रगति की है. लेकिन ब्राज़ील और भारत के वाणिज्य मंत्रियों का कहना है कि हाँगकाँग बैठक से जितनी उम्मीद की जा रही है, शायद वो हासिल न हो सके.
ब्राज़ील के वाणिज्य मंत्री सेल्सो एमोरिम भी भारतीय वाणिज्य मंत्री कमलनाथ की बात से सहमत हैं. लेकिन दोनों मंत्रियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे बातचीत के नतीजे को लेकर नाउम्मीद नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ़ इतना हो सकता है कि हाँगकाँग की बैठक में उतनी प्रगति न हो पाए जितनी उम्मीद की जा रही है. लेकिन अगर बातचीत में देरी हुई तो अमरीकी कांग्रेस में प्रस्ताव प्रक्रियागत मुश्किलों में पड़ जाएगा. वैसे भी समझौते के लिए जो समयसीमा निर्धारित की गई थी, उसमें एक वर्ष की देरी पहले ही हो चुकी है. व्यापार समझौते के लिए एक विशेष व्यवस्था (फ़ास्ट ट्रैक) भी अगले साल जुलाई में ख़त्म हो रही है. इसके बाद इस समझौते की राह में बड़ी रुकावट आ सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें डब्लूटीओ: बातचीत में प्रगति के संकेत31 जुलाई, 2004 | कारोबार भारत को भी कुछ मिला है:कमलनाथ31 जुलाई, 2004 | कारोबार डब्लूटीओ ने दिया नया प्रस्ताव30 जुलाई, 2004 | कारोबार नेपाल डब्लूटीओ का सदस्य बना23 अप्रैल, 2004 | कारोबार व्यापार मुद्दों पर ग़रीब देशों के प्रयास शुरु16 अक्तूबर, 2003 को | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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